मथुरा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी करने के बाद 20 हजार रुपये अनुदान के लिए नवविवाहित जोड़े भटक रहे हैं। बिना आय प्रमाण पत्र और अपूर्ण कागजातों से सामाजिक संगठनों ने यहां शादी करा डाली।
अक्तूबर 2017 में शुरू हुई मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 22 जनवरी को कोसीकलां के कोकिलावन में 60 जोड़ों की, पांच फरवरी को छाता की बोबी वाटिका में 22 जोड़ों की, 17 फरवरी को सुखधाम आश्रम वृंदावन में 46 जोड़ों की, इसी दिन गोवर्धन की धनगर धर्मशाला में 40 जोड़ों की और 18 फरवरी को लाड़लीधाम बरसाना में 17 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया।
शासनादेश के अनुसार विवाहित कन्या के बैंक खाते में 20 हजार रुपये देना था, लेकिन अब तक कन्याओं के खाते में 20 हजार की राशि ट्रांसफर नहीं की गई। इसे लेकर नवविवाहित जोड़े समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। बताया कि आननफानन में अफसरों ने सामाजिक संगठनों के यहां होने वाले सामूहिक विवाह में जाकर युवक-युवतियों के सामूहिक विवाह के लिए फार्म भरवा लिए, लेकिन आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बैंक की पासबुक व अन्य कागजात नहीं ले सके।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की राशि कोसीकलां नगर पालिका के ईओ, संबंधित नगर निगम व नगर पंचायत के ईओ के खाते में हस्तांतरित करा दी है। कुछ कन्याओं के कागजात अधूरे हैं, इन्हें पूरा कराकर राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी।
-करुणेश त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी