एटा। पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें यूके की आईडीएस यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स के प्रोफसर रॉबर्ट चैंबर ने स्वच्छाग्रहियों को स्वच्छता के टिप्स दिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन 100 या 200 मीटर की दौड़ नहीं बल्कि मैराथन है। इसे तेजी से चलाने की बड़ी जरूरत है। खुले में शौच करने से देश में 39 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत बच्चे कुपोषण की स्थिति से जूझ रहे हैं। यदि उत्तर प्रदेश को एक देश मान लिया जाये तो पूरे विश्व में कुपोषण के मामले में यूपी का सबसे नीचे स्थान होगा। उन्होंने बांग्लादेश और अफ्रीका आदि देशों की चर्चा करते हुए कहा कि इन देशों की अपेक्षा यूपी में ज्यादा समस्या है।
प्रोफेसर रॉबर्ट चैंबर ने कार्यशाला में सेप्टिक टैंक में एकत्रित मल से बनाई गई खाद का नमूना पेश करते हुए इसे आमदनी का जरिया भी बताया और कहा कि इससे न केवल फसल के उत्पादन में लाभ होगा बल्कि आर्थिक आय में भी वृद्धि होगी। एटा को स्वच्छ बनाना है, ये काम सब स्वच्छाग्रही एकजुट होकर संभव बना सकते हैं।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि ओडीएफ अभियान के तहत जिले में काफी तेजी के साथ कार्य चल रहा है। जिले में में दो लाख शौचालय बनवाने का लक्ष्य है। सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। वहीं यूनाईटेड नेशन के राष्ट्रीय समन्वयक विनोद मिश्रा ने स्वच्छाग्रही से सीधा संवाद करते हुए स्वच्छ भारत मिशन के बारे में उनके द्वारा किए गए कार्याें के बारे में पूछताछ की। संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिहं तंवर, डीडीओ एसएन सिंह कुशवाह, बीएसए एसके तिवारी, डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, डब्लूएसएससीसी के जिला परामर्शदाता विजय वर्मा, जिला समन्वयक मुकेश कुमार, विनय समेत सभी बीडीओ, एडीओ पंचायत मौजूद रहे।