आगरा। स्वच्छता सर्वे 2017 में उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर के अलावा अन्य कोई शहर देश के 100 शहरों में स्थान नहीं बना पाया था। इसे लेकर उत्तर प्रदेश बहुत गंभीर है। मुख्य सचिव के आदेश हैं कि स्वच्छता सर्वे 2018 में कम से 25-30 देश के 100 स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल हों।
इसके लिए विशेष रणनीति तय की गई है। इसी के तहत प्रत्येक नगर आयुक्त को कम से कम दो नगर निगमों की सफाई व्यवस्था की स्टडी करने को कहा गया है। शासन के आदेश के अनुसार नगर आयुक्त अरुण प्रकाश मंगलवार को झांसी गई थे और बुधवार को फिरोजाबाद की विजिट की है। उधर झांसी के नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया बुधवार को आगरा आए।
उन्होंने नगर निगम के कार्यकारिणी के कक्ष में नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। निगम के अधिकारियों ने उन्हें डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, कूड़ा उठान की मानीटरिंग की व्यवस्था, कुबेरपुर में प्रस्ताव पावर प्लांट के विषय में जानकारी दी। उन्होंने सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी की।
प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि झांसी और आगरा में फर्क इतना है कि यहां सीवर लाइन हैं, झांसी सीवर लाइन डालने की व्यवस्था नहीं है। जमीन के नीचे ग्रेनाइट के पत्थर होने के कारण वहां खोदाई करना संभव नहीं है। इसकी वजह से अधिकांश शहर में सेप्टिक टैंक की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता सर्वे को ध्यान में रखते हुए स्टडी का दौर चल रहा है।