एटा। जिले की तीन नगर पालिकां और दो नगर पंचायत राजस्व वसूली में फिसड्डी साबित हुई हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत एटा नगर पालिका की है। जहां लक्ष्य के सापेक्ष महज नौ फीसद वसूली हुई है। स्थानीय निकाय निदेशक ने ईओ से नाराजगी जताते हुए 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
दरअसल, शासन की ओर से जिले के निकायों केा राजस्व वसूली के लिए निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत जिले की नगर पालिका एटा, नगर पालिका जलेसर, नगर पालिका अलीगंज, नगर पंचायत जैथरा और नगर पंचायत अवागढ़ का हाल बेहद खराब रहा। तीन नगर पालिकाओं और दो पंचायतों ने राजस्व वसूली में रूचि नहीं दिखाई। एटा नगर पालिका ने नौ फीसद, जलेसर ने 63.16, अलीगंज ने 73.49, नगर पंचायत जैथरा ने 65.10 और अवागढ़ ने 30.60 फीसद राजस्व वसूली की। राजस्व वसूली में पिछड़ने पर स्थानीय निकाय निदेशक विशाल भारद्वाज ने पांचों नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी को फटकार लगाते हुए 15 दिनों में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। एडीएम प्रशासन सतीश पाल ने बताया कि नगर निकाय के अधिशासी अधिकारियों से जबाव मांगा गया है।
यह है हाल
नगर निकाय लक्ष्य पूर्ति फीसद
नगर पालिका एटा 404.87 37.63 9.29
नगर पालिका अलीगंज 28.44 20.90 73.49
नगर पालिका जलेसर 52.22 32.98 63.16
नगर पंचायत जैथरा 38.94 25.35 65.10
नगर पंचायत अवागढ़ 23.07 7.06 30.60
(लक्ष्य और पूर्ति लाख रुपये में)