मैनपुरी। शिक्षामित्रों के धरना-प्रदर्शन से जिले की शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गई है। इसके चलते 169 स्कूलों में ताले लटक गए हैं। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का भविष्य चौपट हो रहा है। शनिवार को भी शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार करते हुए कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क पर धरना दिया।
बीएसए कार्यालय जा रहे शिक्षामित्रों ने ईशन नदी पुल पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने 21 से लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष हेम सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश के 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्र 25 जुलाई से सड़कों पर हैं। प्रदेश सरकार ने 15 दिन का समय मांगा था लेकिन इसके बाद भी कोई फैसला नहीं लिया। इससे शिक्षामित्र सदमे में हैं।
प्रदेश महिला प्रभारी सुमन यादव ने कहा कि 21 जुलाई को समान कार्य के लिए समान वेतन व स्थाईकरण के लिए प्रदेश भर के शिक्षामित्र लखनऊ में धरना देंगे। यह धरना बेमियादी होगा। जनपद के शिक्षामित्र इस धरना प्रदर्शन के लिए रविवार को रवाना होंगे।
शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि उनके भविष्य पर शीघ्र फैसला लिया जाए। मौके पर पहुंचे एसडीएम अमित सिंह को शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन के दौरान जिलामंत्री शनत पांडेय, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष शुभम शक्ति भदौरिया, अनुराग मिश्रा, विनीत चौहान, अजय यादव, अशोक यादव, अंकित यादव, रीना चौहान, संध्या चौहान, पिंकी राठौर सहित जनपद भर के शिक्षामित्र मौजूद रहे।
वहीं समान कार्य के लिए समान वेतन व स्थायीकरण की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के समर्थन में शनिवार को सेवानिवृत्त शिक्षक कल्याण परिषद भी उतर आया। परिषद के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह यादव ने जनपदीय पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
रघुवीर सिंह ने शासन से मांग की कि अपने हक की लड़ाई के लिए प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। परिषद उनके आंदोलन को समर्थन देता है। यदि समय रहते सरकार ने उनके हित में फैसला नहीं लिया तो परिषद भी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होगा।
शासन के निर्देश के बाद भी 25 जुलाई तक का वेतन न मिलने पर शनिवार को अपराह्न 3 बजे शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंच गए। शिक्षामित्रों के आने की खबर मिलने से पहले ही बीएसए व लेखाधिकारी कार्यालय से गायब हो गए। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर ताला डाल दिया। जानकारी मिलते ही बीएसए मौके पर पहुंच गए। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने भरोसा दिलाया कि अगले सप्ताह वेतन खातों में भेज दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षामित्र घरों को लौटे।
जनपद के सभी दो हजार शिक्षामित्र रविवार की शाम लखनऊ के लिए रवाना होंगे। इसके लिए सभी ब्लाक अध्यक्षों को बसों की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं। जिले से 27 बसें लखनऊ जाने की संभावना है। जिलाध्यक्ष हेम सिंह ने बताया कि प्रत्येक विकासखंड से 3-3 बसों को लखनऊ ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
परिषदीय बंद स्कूलों को खोलने के लिए डीएम ने बीएसए के साथ बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि बंद स्कूलों को हर हाल में खुलवाया जाए। बीएसए ने इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षाधिकारियों को सौंपी है।