एटा। जिले के मोहल्लों और गांवों में बांस बल्ली के सहारे झूलती विद्युत व्यवस्था अब दूर होती नजर आएगी। अगर किसी कालोनी का भार 400 किलोवाट तक है, तो वहां आसानी से विद्युतीकरण हो सकेगा।
बिजली सप्लाई के तंत्र को मजबूत करने के लिए विद्युत नियामक आयोग ने फैसला लिया है। इसके बाद जिले के कई क्षेत्रों में आसानी से बिजली पहुंच सकेगी।
अब 400 किलोवाट भार वर्ग वाले क्षेत्र में आसानी से विद्युतीकरण हो सकेगा। क्षेत्र या कॉलोनी में स्थित कुल घर/प्लाट की संख्या के दस फीसदी लोगों को एक साथ प्रार्थना पत्र देना होगा। साथ ही क्षेत्रफल के हिसाब से 35 रुपये प्रतिवर्ग फुट का शुल्क जमा करना होगा।
इसके बाद बिजली विभाग तब काम शुरू करेगा जब क्षेत्र के 50 फीसदी घर/प्लाट के मालिक रकम जमा कर देंगे या जहां 25 फीसदी भूखंडों पर निर्माण हो चुका होगा। अगर शुरूआत में शुल्क अदा नहीं किया जाता है, तो बाद में 12.5 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ शुल्क देना होगा।
अधिशासी अभियंता शहरी क्षेत्र राजीव चतुर्वेदी कहते हैं कि आयोग ने कुछ नियमाें में परिवर्तन किया है। इससे लाइन लॉस और बिजली चोरी रुकेगी। साथ ही लोगों को सुरक्षित विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
आदर्श उपभोक्ताओं को मिलेगी छूट
आयोग ने समय से पहले बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को सौगात दी है। अंतिम तिथि से पहले बिजली का बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को अब तक बिल राशि पर 0.5 फीसद छूट दी जाती थी। अब ईमानदार और नियमित उपभोक्ताओं के लिए बिल में एक फीसद की छूट देने का आदेश दिया है।