आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र में शोहदों की लगातार प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 16 वर्षीय किशोरी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि मुख्य आरोपी मृत्युंजय ने घटना से ठीक आधे घंटे पहले किशोरी के भाई को फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद डरी-सहमी किशोरी ने यह खौफनाक कदम उठाया।
शोहदों से परेशान होकर एक किशोरी ने रविवार दोपहर घर में फंदे से लटक कर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि घटना से आधे घंटे पहले किशोरी के भाई को फोन पर धमकी दी गई थी। हरीपर्वत पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
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मूलरूप से मथुरा निवासी एक व्यक्ति कई वर्षों से हरीपर्वत क्षेत्र में अपनी ससुराल के पास किराए के घर में रहता है। वह और बेटा जूता फैक्टरी में काम करते हैं। पत्नी घरों में काम करती है। पीड़ित ने बताया कि मोहल्ले की एक लड़की ने उनकी 16 वर्षीय बेटी की लंगड़े की चौकी के नगला छिद्दा क्षेत्र में रहने वाले 21 वर्षीय मृत्युंजय से दोस्ती करवा दी। आरोपी ने बेटी से बातचीत कर उसे जाल में फंसा लिया।
आरोप है कि बातचीत के बाद वह और उसका चचेरा भाई प्रियांशु, दोस्त अनुज व दीपक बेटी को ब्लैकमेल करने लगे। आरोपी बेटी को अकेला देखकर घर में घुस आते थे। विरोध पर धमकी देते थे। किशोरी के भाई ने बताया कि पुलिस से शिकायत भी की थी पर लोकलाज के कारण प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई। इससे आरोपियों के हौंसले बुलंद हो गए।
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रविवार को दोपहर 2:30 बजे वह फैक्टरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी मृत्युंजय ने उन्हें कॉल किया और धमकाते हुए कहा कि आज या तो तेरी बहन मरेगी या फिर तू मारा जाएगा। आधे घंटे बाद ही मोहल्ले के लोगों ने बहन के आत्महत्या करने की सूचना दी। घर पहुंचने पर मुख्य द्वार की कुंडी अंदर और बाहर दोनों ओर से लगी मिली। उन्हें शक है कि आरोपी घर आए और बहन के साथ कुछ ऐसा किया कि वह आत्महत्या करने को मजबूर हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। सोमवार शाम परिजन ने किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं घटना के बाद चारों आरोपी और उनके परिजन घरों से भाग गए हैं।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि सूचना पर पुलिस पहुंची थी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजन की तहरीर पर चार युवकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।