कासगंज। सिपाही के हत्यारोपी और दरोगा पर हमले के मुख्य आरोपी मोती की मौत के बाद उसके भाई फरार हैं। घटना के 16 दिन बाद भी दोनों भाई पहुंच से दूर हैं। पुलिस की टीमें खाली हाथ हैं। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है।
9 फरवरी की रात सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव नगला धीमर के समीप कालीनदी की खादर में माफिया मोती और उसके भाई एवं साथियों ने पुलिस टीम पर हमला किया इसमें सिपाही देवेंद्र की मौत हो गई, जबकि दरोगा घायल है। मुठभेड़ में माफिया मोती और उसका भाई एलकार मारा जा चुका है, लेकिन भाई मोहर सिंह एवं मानपाल अभी भी फरार हैं। दोनों की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 8 टीमें लगाई गई हैं लेकिन टीमें अभी तक सफलता की ओर नहीं बढ़ पाईं। लगातार कोशिशें जारी हैं।
गंगा की खादर के अलावा पड़ोसी जिलों में भी तलाश हो रही है लेकिन पुलिस का दावा है कि कुछ सुराग मिल रहे हैं। जल्द ही फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। जिले की पुलिस पड़ोसी जिलों की पुलिस से निरंतर संपर्क बनाए हुए है।