सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग
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कासगंज। तीर्थनगरी सोरों के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने फिर से रुचि दिखाई है। उन्होंने दो दिन पूर्व हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सीपी सिंह से बैठक के दौरान सोरों के विकास के लिए तैयार किए गए डीपीआर की समीक्षा कर पुन: शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी पूर्व में तैयार किए गए डीपीआर की समीक्षा करने में जुटे हैं। समीक्षा कर डीपीआर पुन: सीएम को प्रेषित किया जाएगा।
पिछले वर्ष जुलाई माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटा आगमन के दौरान तीर्थ नगरी सोरों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी आरपी सिंह को डीपीआर तैयार कराने के निर्देश दिए। सोरों के विकास के लिए लखनऊ की एमान कंपनी ने कुल 85 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया। जिसे शासन को भेजा गया। चूंकि यह डीपीआर आचार संहिता लगने से कुछ समय पूर्व प्रेषित किया गया था जिसके चलते इस डीपीआर के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।
अभी दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वयं इस विषय में जिलाधिकारी से जानकारी ली और उन्हें दिशा निर्देश दिए। लखनऊ से लौटकर आने के बाद जिलाधिकारी ने डीपीआर की पत्रावली को प्रस्तुत करने के लिए एडीएम योगेंद्र कुमार को निर्देश जारी किए। एडीएम ने डीपीआर की पत्रावली जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की है। जिलाधिकारी अब डीपीआर की समीक्षा कर रहे हैं। डीपीआर की समीक्षा पूरी होने के बाद इसे शासन में मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया जाएगा। जिससे मुख्यमंत्री धन अवमुक्त करने की घोषणा कर सकें।
- मुख्यमंत्री ने तीर्थनगरी के विकास का डीपीआर मांगा है। यह डीपीआर समीक्षा के बाद शासन को भेजा जाएगा। धन की स्वीकृति होते ही प्राथमिकता से विकास संबंधी कार्य होंगे। समीक्षा का कार्य शुरू कर दिया गया है। सीपी सिंह, जिलाधिकारी।
डीपीआर की खास बातें
- चित्तौड़गढ़ के स्तंभ की तर्ज पर बनेगा 60 मीटर ऊंचा स्तंभ।
- हरि की पैड़ी का किया जाएगा सुंदरीकरण।
- तीर्थनगरी में चार मंदिरनुमा बनाए जाएंगे द्वार।
- परिक्रमा मार्ग का किया जाएगा सुंदरीकरण।
- तीर्थनगरी के प्राचीन मंदिरों का होगा जीर्णोद्धार।