मैनपुरी। राशन घोटाले के एक मामले में शासन ने सीधे अपने स्तर पर संज्ञान लिया है। इसके बाद आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग ने डीएम को पत्र भेजकर घोटाले में संलिप्त ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) पर कार्रवाई करने के आदेश दिया है। वहीं डीएम ने कार्रवाई को मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया है।
राशन घोटाले के मामले की शिकायत पर देवपुरा के कोटा डीलर की जब जांच हुई तो घटतौली, वसूली समेत कई अन्य आरोप सही साबित हुए थे। इसके बाद औंछा थाना में कोटा डीलर के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। जबकि ग्राम विकास अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद शासन स्तर पर गोपनीय ढंग से जांच कराई गई। इसमें वीडीओ की संलिप्तता पाई गई।
यह था मामला
विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत देवपुरा में कोटा डीलर उमेश चंद्र द्वारा राशन में घोटाले की शिकायत की गई थी। जांच हुई तो पता चला कि कोटा डीलर ने जनवरी 2018 से लेकर जून 2018 तक जमकर गड़बड़ी की। एक ओर जहां कार्डधारकों को राशन नहीं दिया गया तो वहीं घटतौली और अवैध वसूली भी की गई।
इस मामले में 31 मार्च को थाना औंछा में कोटा डीलर के खिलाफ एफआईआर लिखवाई गई थी, लेकिन मामले में एक कड़ी छूट गई। राशन के उठान और सही वितरण के लिए ग्राम विकास अधिकारी को हस्ताक्षर करने होते हैं। यहां तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुखवीर सिंह ने लगातार कोटा सही वितरित होने के हस्ताक्षर कर दिए। इससे कहीं न कहीं वीडीओ सुखवीर सिंह पर भी शक की सुई घूम गई।
898 राशन कार्डों से डकार लिया गया था राशन
जिले में पहले भी एक बड़ा राशन घोटाला सामने आ चुका है। 16 कोटेदारों ने जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात ऑपरेटरों से सांठगांठ कर राशन का घोटाला किया था। इसमें 898 राशन कार्डों से लाखों का राशन डकार लिया गया था। मामला खुलने के बाद पूर्ति निरीक्षक ने सभी के विरुद्ध सदर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था। इसके बाद डीएम के आदेश पर डीएसओ ने सभी राशन की दुकानें भी निरस्त कर दीं। अब जल्द ही नवीन चयन के लिए प्रक्रिया शुरू की जानी है।
देवपुरा में राशन वितरण में गड़बड़ी सामने आई थी। जांच के बाद कोटा निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यूआर खान, जिला पूर्ति अधिकारी।