चौमुंहा (मथुरा)। एसडीएम द्वारा जर्जर टंकी से जलापूर्ति बंद कराने के साथ ही कस्बे के आधे हिस्से में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। ट्यूबवेलों से सीधे सप्लाई देने से कई गलियों में नहीं पहुंच रहा है एक बूंद पानी। इससे लोगों में रोष व्याप्त है।
एक तरफ भीषण गर्मी तो दूसरी ओर पेयजल संकट। हर कोई चेयरमैन, ईओ व एसडीएम को कोस रहा है। टंकी बंद हुए तीन सप्ताह से अधिक हो गए, मगर नगर पंचायत प्रशासन ने आज तक नई टंकी से मोहल्लों को नहीं जोड़ा है, जिससे पूरे गांव में आपूर्ति हो सके।
कस्बे के दाऊद, मारूफ, जुझार थोक में टंकी से जलापूर्ति न होने से पेयजल की किल्लत पैदा हो गई है। बालक से लेकर बुजुर्ग तक पानी ढोने में व्यस्त है। बुधवार को ग्रामीणों ने चेयरमैन, ईओ व एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा तीनों मोहल्लों में 20 दिन से जलापूर्ति नही हो रही है। बालाजी मंदिर के निकट पद्मश्री, श्याम सिंह, कमलो, रमेश सिंह, ओमी पूर्व सभासद, धर्मो, जितेंद्र सिंह, कन्हैया, भिक्को, रामवती, रंजो देवी, कल्लो आदि ने नारेबाजी की। ईओ राजेश चौधरी ने बताया कि टंकी जर्जर हो चुकी है, इससे अब सप्लाई की तो यह गिर सकती है। निकट में मंदिर और स्कूल भी हैं। एसडीएम के आदेश पर डायरेक्ट पानी की सप्लाई दी जा रही है।