एटा। लोगों की समस्या को दूर करने वाली सीवर लाइन अब मुसीबत बनती जा रही है। पूरे शहर को इन दिनों सीवर लाइन के लिए खोद दिया गया है और लोग हिचकोले खा रहे हैं। जिम्मेदारों ने खोदाई के बाद सड़क की ओर मुड़कर नहीं देखा। ऐसे में लोग रोज समस्या का सामना कर रहे हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। जल निगम का दावा है कि 13 किमी सड़कों का निर्माण करा दिया है, लेकिन कहीं भी निर्माण नजर नहीं आ रहा।
दरअसल, वर्ष 2015 में सपा सरकार ने शहर के लिए 160 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन निर्माण को हरी झंडी दी थी। जल निगम ने साल 2018 में निर्माण का काम शुरू कर दिया। शुरुआत में तो सब ठीक चला, लेकिन जैसे-जैसे काम बढ़ा, तो दिक्कतें बढ़नी शुरू हो गईं। ठेकेदार ने सड़क को खोदकर सीवर लाइन तो बिछा दी, लेकिन सड़क को टूटा ही छोड़ दिया। जबकि जल निगम को सड़क को दोबारा बनाने का जिम्मा दिया गया है। ऐसे में दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।
गुणवत्ता में खूब चला खेल
सीवर लाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। पिछले दिनों पीपल अड्डा पर ब्लॉक बनाने में गुणवत्ता में खेल का मामला सामने आया था। वहीं मेहता पार्क पर भी निर्माण कार्य में घालमेल की शिकायत पर डीएम ने जांच की थी।
इन जगहों पर अधिक परेशानी
मेहता पार्क मार्ग, पटियाली गेट, पीपल अड्डा, कैलाशगंज, गांधी मार्केट, नारायन नगर, पोस्ट आफिस वाली गली, किदवई नगर, आवास विकास कालोनी, शिवसिंहपुर, सकीट रोड, डाक बगलिया, अवागढ़ हाउस।
निगम का दावा, 13 किमी बना चुके सड़क
जल निगम का दावा है कि पहले चरण में हुए 15 किमी खोदाई में से 13 किमी सड़क बनाई जा चुकी है, लेकिन दावा पूरी तरह से झूठा नजर आ रहा है। कई स्थानों पर सड़कों की दुर्दशा दावे की पोल खोल रही है।
कहते हैं लोग
सीवर लाइन निर्माण के चलते दिक्कतें हो रही है। जिस सड़क पर जाओ या तो रास्ता बंद मिलता है या फिर गड्ढे होते हैं।
कल्लू गुप्ता
आए दिन लोग हादसों का शिकार होते हैं। जल निगम को लोगों को परेशानी से निजात दिलाने को पहल करनी चाहिए।
अभिषेक
इनका कहना है
मार्च 2020 तक काम पूरा करना है। अब तक 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। लोगों को परेशानियां हो रही हैं, मैं समझ सकता हूं। 13 किमी सड़क जल निगम बना चुका है। 10 दिन में शेष काम को भी पूरा करा दिया जाएगा।
एएस भाटी, एक्सईएन जल निगम
कहते हैं आंकड़े
160 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा काम
58 किमी सीवर लाइन डाली जानी है शहर में
26 किमी खोदाई का काम हो गया पूरा
02 चरणों में चल रहा है तेजी से काम
2015 में शहर को मिला था प्रोजेक्ट