एटा। जिले के पांच विकास खंड क्षेत्र से निकलने वाली काली नदी आम जन के किसी काम की नहीं है। इसका पानी दूषित होने के साथ ही सिंचाई प्रयोज्य भी नहीं है। ऐसे में इसके जल को संरक्षित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की ओर से नदी किनारे तालाब खोदे जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते काली नदी किनारे हर एक किमी पर तालाब खोदने की योजना बनाई गई है। तालाब खोदने का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य को बरसात से पहले पूूर्ण किया जाना है, जिससे बरसात में तालाब में पानी भरा जा सके।
नदी में जाएगा तालाब का पानी
एटा। काली नदी को संरक्षित करने के लिए नदी किनारे तालाब खोदे जाएंगे। इसमें बरसात का पानी भर जाने के बाद इस पानी को नदी में भी छोड़ा जाएगा। नदी के दोनों किनारों पर तालाब होने से बरसात के पानी को आसानी से नदी में छोड़ा जा सकता है। इसके चलते ही कार्य योजना बनाई गई है।
35 तालाब किए गए चिह्नित
शासन से निर्देश मिलने के बाद जिले में नदी के किनारे बसे गांव में तालाबों की खोज की गई। जनपद के शीतलपुर, मारहरा, सकीट, जैथरा और अलीगंज ब्लाक में इसके लिए सर्वे कराया गया। सर्वे में अभी तक ऐसे 35 तालाब चिह्नित किए गए हैं जो नदी किनारे थे। इन तालाबों का जींर्णोंद्धार भी किया जाएगा।
पौधरोपण कर किया जाएगा सौदर्यीकरण
नदी के दोनों किनारों के साथ तालाबों के पास पौधरोपण कर उनका सौदर्यीकरण किया जाएगा। जिससे वहां से गुजरने वाला राहगीर बैठकर आराम कर सके। हाल ही में चलाए जाने वाले पौधरोपण अभियान में भी यहां पौधे लगाए जाएंगे। नदी किनारे पौधे लगाने से उनको आसानी से पानी मिल सकेगा।
मनरेगा के तहत खोदे जाएंगे तालाब
जनपद के पचास किलोमीटर के क्षेत्र में पांच विकास खंडों में फैली काली नदी के दोनों किनारों पर लगभग चालीस गांव आते है। प्रत्येक गांव के सामने तालाब बनना है। इन तालाबों की मनरेगा के तहत खोदाई कराई जाएगी। इससे मनरेगा में लगे श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। खोदाई उसी गांव के श्रमिकों से कराई जानी है।
गठित की गई समिति
काली नदी के किनारे तालाबों की खोदाई के लिए समिति का गठन किया गया है। इसमें डीएम की अध्यक्षता में समिति गठित की गई इसमें सीडीओ और उपायुक्त मनरेगा को भी शामिल किया गया है। तालाबों की खोदाई प्रत्येक गांव में होगी इसके लिए समिति में ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। तालाबों की खोदाई का कार्य जून माह मेस्त्रत्त्ं शुरू हो जाएगा और इसे बरसात से पूर्व ही समाप्त किया जाएगा।
नदियों के किनारे तालाबों की खोदाई के लिए शासन से मिले निर्देशों पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए काली नदी के किनारे के गांवों में दोनों किनारों में तालाबों की खोदाई कराई जाएगी। इसके लिए पुराने तालाबों को भी चिह्नित कया जा रहा है। जल्द ही तालाब खुदवाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
- उग्रसेन पांडेय, सीडीओ एटा