कासगंज। मथुरा-कानपुर ट्रैक पर इलैक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने की तैयारियां तेजी के साथ चल रही हैं। गुरुवार को दक्षिण पूर्व परिमंडल के सीआरएस एवं इज्जतनगर मंडल के डीआरएम ने दरियावगंज से फर्रुखाबाद स्टेशन तक इलैक्ट्रिक ट्रेन से गति परीक्षण किया।इलैक्ट्रिक ट्रेन ने 56 किलोमीटर की दूरी महज 32 मिनट में तय कर ली।
मथुरा से फर्रुखाबाद तक इलैक्ट्रिक ट्रेन से गति परीक्षण पूरा हो गया है। गुरुवार को सीआरएस एके राय एवं इज्जतनगर मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार सिंह फर्रुखाबाद से निरीक्षण करते हुए दरियागंज स्टेशन तक पहुंचे। उन्होंने रास्ते में जगह-जगह स्टेशनों पर भी निरीक्षण किया। इसके बाद दरियावगंज से फर्रुखाबाद तक इलैक्ट्रिक ट्रेन से गति परीक्षण किया। सीआरएस की ट्रेन ने 115 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटा भरा। 56 किलोमीटर की दूरी मात्र 32 मिनट में तय कर ली। सीआरएस ने यह ट्रैक इलैक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए पूरी तरह फिट पाया है। अब फर्रुखाबाद से कासगंज अनवरगंज के बीच इलैक्ट्रिक ट्रैक पर गति परीक्षण होगा।
दरियावगंज-मथुरा के बीच पहले हो चुका है परीक्षण
कासगंज। मध्य एवं पूर्वोत्तर रेल मंडल के संरक्षा आयुक्त अरविंद जैन बीती 29 मार्च को मथुरा से मेेडू तक 48 किलोमीटर रेलपथ पर गति परीक्षण कर चुके हैं। 14 मई को दरियावगंज से मेडू के बीच 108 किलोमीटर ट्रैक पर सीआरएस ने गति परीक्षण किया था।
432 करोड़ रुपये की योजना लगभग पूरी
कासगंज। मथुरा-कानपुर के बीच 338 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। 432.99 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है। कार्यदायी संस्था इरकॉन जल्द ही पूरी परियोजना रेलवे को हस्तांतरित कर देगी।
यह रहे मौजूद
कासगंज। डीआरएम के निरीक्षण में गोरखपुर के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर बेचू राय, मुख्य सिंगल इंजीनियर एसएन शाह, इरकॉन के महाप्रबंधक आशुतोष पंत के अलावा एके सिंह, जीपीएस नारायन, सुमित गर्ग, अनूप कुमार, सीएल शाह, अमिताभ रहे।