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वृद्ध बेसहारा को सरकार नहीं दे पाई आयुष्मान, आवेदन खारिज

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कासगंज। अपनों ने बेगाना कर दिया तो सरकारी लाठी ने बूढ़े हाथों को सहारा दिया, लेकिन बेसहारा वृद्धों को सरकार इलाज के लिए कोई ठोस योजना का लाभ नहीं दे पाए। आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कार्ड के आवेदन से पहले ही बेसहारा वृद्धों को निराशा हाथ लगी है। लेखपालों ने मनमाने ढंग से आए प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट लगा दी। जिससे आवेदन स्वीकार न होकर खारिज हो गया।
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सरकार की आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह योजना गरीबों के लिए संजीवनी बनीं, लेकिन प्रमाणित बेसहारा को इस योजना का सहारा नहीं मिल सका। वृद्धाश्रम में पनाह ले रहे वृद्धों को केंद्र सरकार की आयुष्मान और प्रदेश सरकार की आरोग्य योजना के तहत लाभ देने की पहल की गई। यह पहल कागजी औपचारिकता में सिमट गई। इन योजनाओं का लाभ लेेने के लिए आवेदन के साथ आए प्रमाण पत्र दाखिल करना होता है। बेसहारा वृद्धों के पास आय प्रमाण पत्र नहीं थे। वृद्धाश्रम संचालक की ओर से वृद्धों के आवेदन आय प्रमाण पत्र के लिए किए गए। आनलाइन आवेदन पर लेखपालों ने रिपोर्ट लगाई। ग्राम पंचायत में पुश्तैनी जमीन का आकलन कर लेखपालों ने किसी वृद्ध की आय तो 40 हजार रुपये से ऊपर दिखा दी तो भूमिहीन वृद्धों की आय शून्य दर्शा दी। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए शून्य आय वाले आवेदन मान्य नहीं किए जाते और निर्धारित आय से अधिक के प्रमाण पत्र लगाने से भी आवेदन खारिज हो जाता है।
आंकड़े की नजर से-
- 17 वृद्धों के आय प्रमाण पत्र किए थे आनलाइन, हुई गड़बड़ी।
- 11 वृद्धों के आय प्रमाण पत्र संशोधन के लिए फिर आनलाइन।
- आयुष्मान योजना के तहत पात्रों का चयन केंद्र सरकार के स्तर से हुआ। आरोग्य योजना के तहत अभी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया नहीं चल रही है। वृद्धों को जिला अस्पताल में निशुल्क उपचार दिया जा रहा है- प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।
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- आय प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए ऑनलाइन आवेदन फिर से कर दिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य योजना का लाभ किसी वृद्ध को नहीं मिल रहा है- सोनू कुमार, वृद्धाश्रम प्रभारी।
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