बनबसा क्रय केंद्र में गेहूं की तोल करते कर्मचारी।
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एटा। गेहूं के लक्ष्य को पूरा करने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं लेकिन सोमवार को क्रय केंद्रों पर किसानों की आवक देखकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। रविवार को मंडी प्रशासन और मंडी व्यापारियों के बीच हुए समझौता का ही असर है कि किसान क्रय केंद्रों की ओर बढ़े हैं।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में किसानों का गेहूं खरीदने वाले आढ़तियों को गेहूं नहीं खरीदने को लेकर दी गई चेतावनी के बाद दोनों के बीच अनबन हो गई थी। लेकिन रविवार को दोनों के बीच सरकारी लक्ष्य पूरा कराने पर सहमति बन गई थी। इसके बाद सोमवार को क्रय केंद्रों पर किसान की आवक देखकर प्रशासन संतुष्ट दिखा। जिले को 60 हजार 500 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। जिसके सापेक्ष अभी तक 40 फीसदी ही गेहूं की खरीद हो सकी है। इसको लेकर लक्ष्य पूरा करने वाले अधिकारियों की बेचैनी बढ़ी हुई थी। यही कारण था कि मंडी आढ़तियों से सहयोग की अपेक्षा की गई। लेकिन जब मंडी आढ़तियों से समझौता हुआ है तब से गेहूं लक्ष्य आसान लगने लगा है। मंडी सचिव अशोक सिंह सोलंकी का कहना है कि मंडी स्थित क्रय केंद्रों पर किसानों की अच्छी आवक हुई है। यह आढ़तियों और किसानों का सहयोग है कि लक्ष्य को पूरा कराने में प्रशासन का साथ दे रहे हैं।