मैनपुरी। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नवीन सत्र की तैयारियां शिक्षा विभाग में शुरू कर दी गई हैं। बेसिक स्कूलों के साथ ही माध्यमिक स्कूलों में भी अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई की जगह अप्रैल में किए गए सत्र परिवर्तन का प्रभाव अभी भी शिक्षा विभाग में कम दिखाई दे रहा है। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नवीन सत्र में इसको प्रभावी बनाना शिक्षाधिकारियों के लिए चुनौती है।
इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बीएसए विजय प्रताप सिंह व डीआईओएस सर्वेश कुमार ने इसके लिए अधीनस्थों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। बीएसए ने नवीन सत्र का प्रभावी बनाने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों के साथ ही सह समन्वयकों व संकुल प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी है वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्यों को इसके लिए निर्देश दिए हैं।
नवीन शिक्षा सत्र को प्रभावी बनाने के लिए कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का चिह्नांकन कर लिया गया है। बीएसए के निर्देश पर आउट ऑफ स्कूल बच्चों की जानकारी जुटा ली गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी पांच वर्ष पूरी करने वाले बच्चों का डाटा ले लिया गया है।
एक अप्रैल से चलेगा स्कूल चलो अभियान
मैनपुरी। एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों ने प्रधानाध्यापकों को जिम्मेदारी सौंप दी है। अंग्रेजी माध्यम स्कूल व मॉडल स्कूल में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
2015 से पहले जुलाई से शुरू होता था नवीन सत्र
मैनपुरी। शिक्षा सत्र का शुभारंभ वर्ष 2014 तक एक जुलाई से ही हुआ करता था। 14 नवंबर 2014 में नया शासनादेश आया। जिसमें 2015 में शिक्षा सत्र में परिवर्तन किया गया। एक अप्रैल 2015 को नवीन सत्र अप्रैल से कर दिया गया, लेकिन पिछले तीन वर्षों में अप्रैल से शुरू हुए शिक्षा सत्र का बच्चों पर कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। अप्रैल और मई में बच्चे स्कूलों में पहुंचते ही नहीं है जिसके चलते सही तरीके से कक्षाएं जुलाई से ही शुरू हो पाती हैं।
एक अप्रैल से शुरू होने वाले नवीन सत्र को लेकर शासनादेश के तहत सारी तैयारियां कर ली गई हैं। बच्चों का चिह्नांकन करने के साथ ही एक अप्रैल से स्कूल चलो कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगे।
विजय प्रताप सिंह बीएसए