मैनपुरी। जिले में संचालित विश्वविद्यालय परीक्षाओं को लेकर नगर के पूर्व प्रधानाचार्यों ने चिंता व्यक्त की है। बिना किसी निगरानी के हो रही परीक्षाओं में नकल की सूचनाएं मिलने लगी हैं। परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
एक मार्च से जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। 11 दिन की परीक्षाओं के बाद भी विवि ने अभी तक परीक्षाओं की निगरानी के लिए किसी भी अधिकारी को नामित नहीं किया है। इसके चलते परीक्षा केंद्रों पर अंदर से बोल-बोल कर नकल कराने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जिले में विवि परीक्षाओं के लिए केंद्र बनाए गए कॉलेजों पर जमकर नकल कराई जा रही है। पूर्व प्रधानाचार्य शिवचरन सिंह का कहना है कि प्रशासन शिक्षा में यदि वास्तव में सुधार चाहता है तो विवि परीक्षाओं की निगरानी करानी चाहिए।
विवि परीक्षाओं में जिस प्रकार से नकल की सूचना मिल रही है यह बहुत ही चिंताजनक है। पूर्व प्रधानाचार्य श्रीकृष्ण यादव का कहना है कि एक तरफ जहां यूपी बोर्ड परीक्षा में कड़ी निगरानी की गई थी, वहीं अभी तक विश्वविद्यालय ने कोई सचल दल तक नहीं गठित किया है। यह चिंता की बात है। पूर्व प्रधानाचार्य आरबीएल शाक्य कहते हैं कि उच्च शिक्षा से यदि नकल को मिटाना है तो सचल दल का गठन कर अधिकारियों को विवि परीक्षाओं की निगरानी करानी चाहिए। पूर्व प्रधानाचार्य श्रीदेवी राजपूत का कहना है कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं को प्रशासन ने खुला छोड़कर अच्छा नहीं किया है। परीक्षाओं की निगरानी के लिए टीमें गठित करनी चाहिए।
गत वर्ष सचलदल बनाया गया था बंधक
मैनपुरी। गत वर्ष की विवि परीक्षा के दौरान जिले के एक परीक्षा केंद्र पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से आए सचल दल को बंधक बनाकर मारपीट की गई थी। कहा तो यहां तक गया था कि सचलदल ने रुपयों की मांग की थी, जिसका वीडियो बना लिया गया था फिर उनकी बंधक बनाकर पिटाई की गई थी।