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उस शहीद की मात के आंसू थे अनमोल

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फोटो नंबर-33 और 34
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अभिनंदन हित खड़ा हिमालय बार-बार अभिनंदन को...
होली पब्लिक स्कूल में साहित्यकारों के सम्मान में काव्य गोष्ठी का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। साहित्यकारों के सम्मान एवं स्मरण की शृंखला में होली पब्लिक स्कूल में काव्य गोष्ठी हुई। साहित्यकार नामवर सिंह की स्मृति में हुई काव्य गोष्ठी में काव्य पाठ किया गया। इस दौरान कवि सतीश समर्थ ने ‘अभिनंदन हित खड़ा हिमालय बार बार अभिनंदन को... कविता पाठ किया।
इस दौरान डॉक्टर कंचन माहेश्वरी ने सरस्वती वंदना की। गिरीश पांडेय ने ‘ये दुनिया पूजती उनको है, जो तूफान के आगे चिरागों को जलाने का करिश्मा किया करते हैं।’ उदयवीर सिंह यादव ने ‘कसमे वादे प्यार वफा सब होती बेकार, यहां कोई नहीं किसी का सब पैसे के यार। श्रीकृष्ण मिश्र ने ‘बनने दो रोशनी को एक विशाल जलूस।’ प्रबोध भदौरिया ने ‘रेगिस्तान कुछ पूछ रहा हिमगिरि बतलाने वाला है।’ श्रीचंद्र सरगम ने ‘इस घुटते जीवन को घुटने से रोको।’ आनंदप्रकाश शाक्य ने ‘जन जन रोया तन मन रोया भारत माता रोई है।’ सुरेश चौहान नीरब ने ‘उस शहीद की मात के आंसू थे अनमोल’ कविता सुनाई।
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शशिभूषण सिंह ने ‘हर खुशी आसपास घूमेगी राह खुद मंजिलों को ढूढेगी’ कविता पढ़ी। धर्मेंद्र सिंह धरम ने ‘शूरवीर सदियों से यारों लेकर जख्म जिया करते।’ राजेंद्र तिवारी ने ‘भारतीय लाल अभिनंदन शत शत तेरा अभिनंदन है कविता पढ़ी।’ गौरव कुमार गौरव ने ‘पीछे से बार किया है तू कायर है भिखमंगा।’ सतीश दुबे, श्याम पाल सिंह चौहान, राजीव नागर, पीयूष कुमार, मनोज सक्सेना, संजय दुबे, रामप्रकाश पांडेय, किशनपाल सिंह भदौरिया ने भी काव्य पाठ किया। विद्यासागर शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य सत्यसेवक मिश्र, विनोद माहेश्वरी, अभय शर्मा, अनुराग दुबे, ज्ञानेंद्र दीक्षित, प्रवीन सक्सेना, उमेश दुबे, श्रीकृष्ण मौर्य, शिवनंदन कुशवाहा मौजूद रहे।
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