फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव के सन्नाटे को चीर रहीं परिजनों की सिसकियां

विज्ञापन
गांव में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मैनपुरी-बरनाहल। वीर सपूत रामवकील की शहादत से पैतृक गांव, क्षेत्र गम में डूबा हुआ है। गांव के अधिकतर घरों में रविवार को भी चूल्हे नहीं जले। एक ओर गांव में जहां सन्नाटा पसरा रहा, वहीं परिजनों की सिसकियां गूंजतीं रहीं। दिनभर लोगों का आना जाना लगा रहा। बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव विनायकपुर निवासी 38 वर्षीय सीआरपीएफ जवान रामवकील पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए। उनकी शहादत से पैतृक गांव, क्षेत्र और जिला शोक में डूबा है।
विज्ञापन


रविवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ शहीद के दरवाजे पर लोगों की भीड़ रही। परिवार के लोगों की सिसकियां गांव के सन्नाटे को चीर रही थीं। दिनभर शहीद के घर श्रद्धांजलि देने आने वालों का तांता लगा रहा। गांव में शोक के चलते अधिकतर घरों में चौथे दिन रविवार को भी चूल्हे नहीं जले। पड़ोस के गांव और रिश्तेदारों के यहां से शहीद के परिजन और अन्य ग्रामीणों के लिए खाना आ रहा है। गमजदा परिजन सिर्फ जिंदा रहने के लिए दो चार निवाले ही भोजन कर रहे हैं।
-----
हर दिल में सुलग रही नफरत की आग
पाकिस्तान की कायराना हरकत पर हर दिल में उसके प्रति नफरत की आग सुलग रही है। चौथे दिन भी लोगों में आक्रोश कम नहीं हुआ। ग्रामीण रह रहकर पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। चार दिन बाद भी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से भी परिजन आक्रोशित हैं।
विज्ञापन

-----
जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
विनायकपुर गांव में रविवार को भी दिनभर लोगों का तांता लगा रहा। बड़ी संख्या में लोग शहीद के घर पहुंचे तो श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव ने शहीद के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कीं।
------
विनायकपुर के युवा बोले

हमारे देश की सेना किसी भी देश से कम नहीं है। अगर फिर भी कमी पड़ती है तो हम जैसे लाखों युवा देश पर कुर्बान होने की तमन्ना रखते हैं। सरकार जल्द से जल्द पाकिस्तान को जवाब दे।
-रमनकांत सिंह
चार दिन हो गए हैं फिर भी सरकार आतंकियों से बदला नहीं ले पाई है। सरकार को जल्द से जल्द बदला लेकर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देनी चाहिए। पूरा देश सरकार की ओर देख रहा है।
-सुखवीर सिंह
शहीद रामवकील मिलन सार थे। जब भी गांव में छुट्टी लेकर आते थे तो सब लोगों से मिलते थे। उनकी याद हम सभी के दिलों में जिंदा रहेगी। उनकी शहादत पर पूर्व गांव को गर्व है।
-विक्रम सिंह
हम युवा शहीद के परिजनों के लिए क्षेत्र के लोगों से दस-दस रुपये एकत्रित कर उनके खाते में जमा कराएंगे। इससे उनके परिजनों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। आतंकवादियों पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन

-संटी कुमार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें