मैनपुरी। फरवरी के पहले पखवाड़े के अंत में गुरुवार को एक बार फिर बारिश का कहर किसानों पर टूटा। तेज बारिश और ओलावृष्टि से सरसों और आलू की फसल में भारी नुकसान हुआ। छाए काले बादलों के कारण किसानों की चिंता अब भी बनी हुई है। वहीं बारिश के चलते मौसम में ठंडक भी बढ़ गई है। गुरुवार की सुबह मौसम साफ था, लेकिन दस बजते-बजते बारिश शुरू हो गई। लगभग 15 मिनट बाद बारिश रुक गई। इसके बाद दोपहर एक बजे फिर से मौसम ने करवट ली। तेज गड़गड़ाहट के साथ शुरू हुई बारिश में इस बार ओलों की बौछार भी आई। लगभग 15 मिनट तक इस बार भी जमकर बारिश हुई। ओले छोटे होने के चलते आम जनमानस को कोई नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन खेतों में खड़ी सरसों व आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ।
सरसों की फसल जहां खेतों में झड़ गई तो वहीं ओले गिरने से आलू की बेल भी खराब हो गई। बेल खराब होने के बाद अब आलू का विकास नहीं होगा। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
बारिश के बाद मौसम में सर्दी भी बढ़ गई है।
हर बार बेमौसम बारिश किसानों के लिए समस्या का कारण बनती है। कभी गेहूं पकने के बाद ओले गिरते हैं तो कभी सरसों की फसल तैयार होने के बाद। गुरुवार की बारिश सरसों की फसल के लिए नुकसानदेह है।
शिवनारायण, तिलोकपुर
जब गेहूं की फसल में सिंचाई की जरूरत थी तब बारिश नहीं हुई। अब बारिश होने से किसानों के सामने खाने के लिए भी संकट खड़ा हो जाएगा।
विश्वनाथ, बरनाहल
अब तक तीन साल पहले गेहूं में हुए नुकसान का भी मुआवजा नहीं मिल सका है। इस बार भी अगर बारिश हुई तो किसानों की लागत भी डूब जाएगी।
जहान सिंह, बिरामपुर
मौसम हमेशा से ही किसानों के लिए परेशानी का कारण रहा है। इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता है। सरकार को इसके लिए मुआवजा देना चाहिए।
नंदकिशोर, रजपुरा