मथुरा। 15 मई 2017 की रात करीब आठ बजे जैसे ही मुझे वारदात की सूचना मिली वायरलेस सेट पर संदेश प्रसारित किया था। जिससे थोड़ी देर में ही मौके पर पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए थे।
मंगलवार को स्पेशल जज राम इच्छुक यादव की अदालत में सनसनीखेज सराफ लूट और हत्याकांड की वारदात में कोतवाली के हेडमोहर्रिर भीष्मपाल सिंह ने यह गवाही दी। चश्मदीद मोहम्मद अली दूसरी तारीख पर भी गवाही के लिए कोर्ट में हाजिर नहीं हो सका।
चर्चित लूट और हत्याकांड मेें स्पेशल जज कोर्ट मेें चश्मदीद गवाह मोहम्मद अली की पेशी होनी थी, लेकिन वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। उसके द्वारा कोर्ट में जानकारी दी गई कि चिकित्सक ने उसे बेड रेस्ट करने की सलाह दी है। विगत तारीख पर भी चश्मदीद मोहम्मद अली ने बीमारी का प्रार्थनापत्र भिजवाया था।
वहीं कोतवाली में तैनात तत्कालीन हेड मोहर्रिर भीष्मपाल सिंह ने कोर्ट को बताया कि उसने वायरलेस सेट से सूचना देने के अलावा वादी अशोक अग्रवाल के कोतवाली पहुंचने पर पुलिस फोर्स रवाना किया और एफआईआर दर्ज कर घायलों को अस्पताल भी भिजवाने का काम किया। हेडमोहर्रिर से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की।
अदालत में अब 28 सितंबर को चश्मदीद मोहम्मद अली को पेश होना होगा। पेशी पर आगरा जेल से राकेश उर्फ रंगा, कामेश अलीगढ़ जेल से नीरज, मथुरा जेल से महेश, सौरभ और आयुष हाजिर हुए। आरोपी लखन माहौर भी पेश हुआ। एडीजीसी अबू अहमद रिजवी ने बताया कि अगली तारीख पर चश्मदीद मोहम्मद अली की गवाही होगी।