फिरोजाबाद। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्ण संगठनों ने गुरुवार को जमकर हल्ला बोला। भारत बंद के आव्हान पर संगठनों ने काली पट्टी बांध कर जुलूस निकाले और बाजार बंद कराया। एक्ट की अर्थी निकालकर पुतला दहन किया। आंदोलन करने वालों की पुलिस से झड़प भी हुई। सवर्ण महासभा ने सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन-यज्ञ किया। जिले में बंद का मिला जुला असर रहा।
आंदोलनकारी जब तक बाजार में रहे बाजार बंद रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। सवर्ण संगठन, सवर्ण आर्मी, अखिल भारतीय सवर्ण संगठन, सवर्ण महासभा, क्षत्रीय महासभा सहित सवर्णों के संगठन एक साथ सड़क पर उतरे। भारतीय सवर्ण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर उपाध्याय, सवर्ण आर्मी के अध्यक्ष मोहित शर्मा के साथ संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और सदस्य गांधी पार्क चौराहे पर एकत्रित हुए।
इनके हाथों में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में तख्तियां थीं। गांधी पार्क चौराहे से जुलूस शुरू किया। बाजार बंद कराते हुए सिनेमा चौराहा, सदर बाजार, घंटाघर, नालबंदान, रसूलपुर होते हुए वापस सदर बाजार में आए। जुलूस के दौरान दुकानों के शटर गिरते चले गए। सदर बाजार में नगर मजिस्ट्रेट प्रियंका सिंह को ज्ञापन दिया। इस दौरान संतोष वशिष्ठ, दिनेश भारद्वाज, निर्मल जैन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
अखिल भारतीय सवर्ण संगठन के आनंदपाल सिंह तोमर, सुरेंद्र उपाध्याय, राज कुमार सारस्वत, पवन कुमार सिंह के साथ सैकड़ों सवर्ण संगठन के लोगों ने एससी-एसटी एक्ट की अर्थी निकाली। अर्थी लेकर लोग विभव नगर से चले। क्लब चौराहा, जलेसर रोड, सिनेमा चौराहा, सदर बाजार होते हुए घंटाघर पहुंचे। यहां एक्ट के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिसकर्मियों ने अर्थी को बुझा दिया और अर्थी में लगे बांस फेंक दिए।
अखिल भारतीय सवर्ण महासभा के बैनर तले सांसदों और केंद्र सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन-यज्ञ कोटला रोड पर किया गया। हवन कुंड बना कर उसमें एक्ट की आहुतियां दीं। एक्ट के विरोध में नारे लगाए। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजीव उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष मोहन सिंह, एसके भटनागर, अनुपम दुबे, आनंद शर्मा, राजेंद्र वशिष्ठ मौजूद थे। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने डीएम नेहा शर्मा को ज्ञापन दिया।
इस दौरान महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दलवीर सिंह तोमर ने कहा कि एक्ट में किया गया संशोधन सरकार को वापस लेना चाहिए। इस मौके पर हरि सिंह तौमर, राम कुशवाह, शिव प्रकाश जादौंन, रामकुमार प्रधान, गवेंद्र पाल सिंह मौजूद थे।