मथुरा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को लगाई गई पुलिस की पाठशाला में छात्राओं ने आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों को जाना। शोहदों द्वारा की जाने वाली छेड़छाड़ पर छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों पर एसपी क्राइम ने बड़ी गंभीरता से जवाब दिए।
सोमवार को गोवर्धन रोड स्थित रतन लाल फूल कटोरी देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसपी क्राइम राजेश कुमार सोनकर ने कहा कि छात्राओं को अब डरने के बजाय अपनी झिझक तोड़ने की जरूरत है। किसी भी घटना पर तुरंत 1090 वूमेंस पावर हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है, पुलिस हमेशा आपके लिए तैयार है।
24 घंटे और फिर सात दिन में घटना का फीडबैक लिया जाएगा। उन्होंने आम जनता के लिए 100 डायल, घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए 181 हेल्पलाइन व पाक्सो एक्ट की जानकारी भी छात्राओं को दी। कहा कि आज आप डर रही हैं, कल आप ही अधिकारी बनकर लोगों को इन अपराधों को रोकने के लिए प्रेरित करेंगी।
प्रधानाचार्य नीता सिंह ने स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। संचालनकर्ता प्रमिला गुर्जर ने ‘कोमल है कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है, सबको जीवन देने वाली, मौत भी तुझसे हारी हैं’ पंक्तियों से छात्राओं में जोश का संचार किया।
छात्राओं ने दागे सवाल
पाठशाला में छात्राओं ने एसपी क्र्राइम से सवाल पूछे। एक छात्रा ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने पर रिश्वत की मांग करती है। नाबालिग बालिकाओं के विवाह को कैसे रोका जा सकता है। घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए क्या हेल्पलाइन है। इस पर एसपी क्राइम ने उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
छात्राएं बन सकतीं हैं वूमेंस पावर एंजिल
स्वयं को परिपूर्ण समझने वाली छात्राएं अब वूमेंस पावर एंजिल बन सकती हैं, जो पुलिस की मदद करेंगी। घटना की जानकारी होने पर वह पुलिस को उससे अवगत कराएंगी। इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा
छात्राओं में जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए। यदि छात्राएं स्वयं जागरूक होंगी तो उनके साथ होने वाली घटनाओं में कमी आएगी।
- राजेश कुमार सोनकर, एसपी क्राइम
अमर उजाला ने जो जागरूकता कार्यक्रम चलाया है यह वाकई में प्रशंसनीय है। इससे न केवल छात्राओं का आत्मबल बढ़ेगा, बल्कि वह आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
- डा. नीता सिंह, प्रधानाचार्य
पाठशाला में महिला हेल्पलाइन के बारे में जानकारी मिली जिसका उपयोग मुसीबत में किया जा सकेगा। अब किसी से डरने की आवश्यकता नहीं हैं।
- अंशिका, छात्रा
बालिकाओं को चाहिए कि वे घटनाओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनका सामना करें ताकि आने वाले समय में उसका दुष्परिणाम न उठाना पड़े।
- निकिता, छात्रा
अब महिलाओं की सुरक्षा के बारे में बहुत सी जानकारियां मिल गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रयोग कर स्वयं को सुरक्षित किया जा सकेगा।
- श्वेता, छात्रा
अत्याचारों पर रोक लगाने का पुलिस ही एक माध्यम है। उसे शिकायत मिलने पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, जिससे किसी अनहोनी से बचा जा सके।
-याचना राघव, छात्रा