एटा। भारत सरकार ने हस्तनिर्मित घंटा-घुंघरु को कर मुक्त कर दिया गया है। जीएसटी काउंसिल ऑफ इंडिया का यह आदेश गुरु पूर्णिमा(आज) से लागू हो गया है। अभी तक घंटों पर 12 प्रतिशत जीएसटी निर्धारित था।
विश्व भर में हस्तनिर्मित घंटा-घुंघरु आपूर्ति करने वाले जलेसर घंटा उद्योग को भारत सरकार ने कर मुक्ति की सौगात दी है। इस पर लगने वाले 12 प्रतिशत जीएसटी को पूर्ण रूप से हटाते हुए जीएसटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसे कर मुक्त कर दिया है। इतना ही नहीं यह आदेश शुक्रवार से लागू भी हो गया है। इस आदेश के बाद पूरे देश के हस्तनिर्मित उद्योग को राहत मिलेगी। वहीं जलेसर के अरबों रुपए के कारोबार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं कारोबारियों, श्रमिकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। बताते चलें कि जलेसर में 180 से अधिक घंटा कारोबारी पंजीकृत हैं। हस्तनिर्मित कारोबार के लिए 500 से अधिक भट्टियां चलती हैं। इसमें चार हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। कसबा स्थित पचास से अधिक दुकानों पर इनका खुला माल बिकता है।
योगी ने दिया था आश्वासन
विगत दिनों जनपदीय समीक्षा को आए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जलेसर पालिकाध्यक्ष के नेतृत्व में घंटा कारोबारियों ने 101 किलो का घंटा भेंट कर कर हटाने की मांग की थी। इस पर योगी ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। लेकिन इतनी जल्दी कार्रवाई होगी इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।
भारत में ही नहीं अन्य देशों में भी जलेसर के हस्तनिर्मित घंटों को निर्यात किया जाता है। अधिकांश घंटे मध्यम वजन के होते हैं। लेकिन आर्डर पर बड़ी से बड़ी क्षमता के भी घंटे बनाए जाते हैं। हाल में एक भक्त के आर्डर पर 751 किलो का घंटा बनाया गया है।
जीएसटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने हस्तनिर्मित घंटों को कर मुक्त कर दिया है। यह आदेश शुक्रवार से लागू भी हो गया है। अभी तक इस पर 12 प्रतिशत का जीएसटी लगता था। जिले में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का कारोबार होता है। यहां के घंटे देश में ही नहीं अन्य देशों में निर्यात भी होते हैं।
जितेंद्र कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर एवं नोडल अधिकारी जीएसटी