एटा। प्रदेश सरकार कुपोषण से मुक्ति के प्रयास कर रही है लेकिन कुपोषण का खात्मा नहीं हो पा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हड़ताल पर हैं, तो केंद्रों पर ताले पड़े। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने आंगनबाड़ी केंद्रों की का हाल जाना तो कहीं ताले पड़े थे तो कहीं से नौनिहाल नदारद मिले।
आंगनबाड़ी केंद्र, पटियाली गेट
पटियाली गेट स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला पड़ा था। जानकारी करने पर पता चला कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कई दिनों से गायब हैं। वहीं बच्चे आते हैं और केंद्र को बंद देख लौट जाते हैं।
आंगनबाड़ी केेंद्र, कैलाशगंज
नगर के कैलाशगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर भी ताला लगा था। केंद्र संचालिका गुरुवार को अवकाश पर थीं लेकिन कोई सहायिका यहां मौजूद नहीं थी। बताया गया कि कई महीनों से विभाग ने केंद्र का किराया जमा नहीं किया है। साथ ही कार्यकर्ता का मानदेय भी नहीं दिया गया।
केंद्रों पर पुष्टाहार के लाले
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार का वितरण भी ठप है। निधौलीकलां ब्लॉक में सबसे ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले पड़े हैं। हड़ताल के चलते केंद्रों पर पंजीरी बांटी ही नहीं जा रही है।
यह है कुपोषण का हाल
परियोजना कुपोषित अतिकुपोषित
अलीगंज 4213 1853
जलेसर 3103 1153
मारहरा 3152 1168
सकीट 3718 1372
जैथरा 3436 1328
अवागढ़ 2546 1143
निधौलीकलां 1912 718
शीतलपुर 4295 2012
एटा अर्बन 1743 475
कुल 28121 11222
कुपोषण से निपटने के लिए योजनाएं चल रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए। साथ ही हड़ताली 137 आंगनबाड़ी का मानदेय रोका गया है।
सत्यप्रकाश, डीपीओ