फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही जयकुमार उर्फ रामकुमार का शव मंगलवार को नगला बलुआ पहुंचा तो गांव में चीत्कार मच गई। शव देखने के लिए गांव के साथ ही आसपास के गांव की महिला-पुरुष भी जमा हो गए। गमगीन माहौल में संगीनों के साये में अंत्येष्टि की गई। पुलिस फोर्स तैनात रहा।
सोमवार शाम तगादा लेने गए युवक की बसपा नेता ने भाइयों की मदद से बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सड़क पर छोड़कर आरोपी फरार हो गए। सुबह चार बजे शव जैसे ही गांव पहुंचा, परिवार की महिलाओं की चीत्कार सुनाई देने लगी।
महिलाएं शव की तरफ दौड़ने लगीं। सुबह होते-होते सैकड़ों महिला-पुरुष एकत्रित हो गए। वृद्ध मां बालाश्री का रो-रोकर बुरा हाल था। वह रोते -रोते कह रही थी, कि दुश्मनों ने मेरे बेटे को मार डाला। जयकुमार दो भाइयों में छोटा था और अपने बड़े भाई शिवकुमार के साथ दिल्ली में गाड़ी चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। दोनों भाई एक साथ दिल्ली में रहते थे।
दीपावली पर जयकुमार घर आया था। सोमवार को लालसिंह से रुपये लेने के लिए गया था, लेकिन उसके गांव के ही कुछ लोगों ने जो उससे रंजिश मानते थे ने दगा कर उसे मरवा दिया।
दोनों गांवों की सीमा पर पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। पुलिस को अंत्येष्टि होने तक यही डर लगा रहा कि कही भीड़ दलित बस्ती पर हमला न कर दे। इसलिए एसपी ग्रामीण ने सुबह थाना शिकोहाबाद में डेरा डाल लिया और यहीं से स्थिति पर नजर रखे रहे। सीओ सदर प्रेमप्रकाश यादव को नगला बलुआ में फोर्स के साथ तैनात किया। वहीं लभौआ में इंस्पेक्टर मक्खनपुर ध्यानपाल सिंह, इंस्पेक्टर नसीरपुर केपी सिंह, एसओ जसराना अनिल कुमार थे।