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जीएसटी: सूने हुए मोबाइल शोरूम, दुकानदार खाली

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एटा। जिले में 12 महीने गुलजार रहने वाला मोबाइल बाजार इन दिनों सूना पड़ा। एक ओर जहां नया माल नहीं आने से ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जीएसटी को लेकर व्यापारी असमंजस में है। जीएसटी लागू होने के बाद से मोबाइल शोरूम की रौनक खत्म हो गई है। उधर, पुराने स्टॉक को जमा कर बैठे दुकानदार परेशान हैं।
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जिले में पचास लाख का कारोबार करने वाले मोबाइल बाजार पर जीएसटी का असर है। दुकानों पर दिखने वाली भीड़ नदारद है। जीएसटी लागू होने के बाद मोबाइल कंपनियों ने नए माल की सप्लाई नहीं दी है। इतना ही नहीं बिलिंग को लेकर भी दिशा निर्देश नहीं मिल पा रहे। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि मोबाइल कारोबार कर से नहीं वरन नई व्यवस्था से प्रभावित हो रहा है। सेट के दामों में भारी उतार चढ़ाव नहीं है।
कारोबारी मनोज जैन के अनुसार एक पखवाड़े से नया माल नहीं मिला है। ऐसे में पुराने सेट की ही बिक्री हो रही है। इनके अनुसार मोबाइल पर जीएसटी का बड़ा असर नहीं है। वैट के अंतर्गत कीपैड वाले सेट पर जहां पांच प्रतिशत वैट था वहीं टच सेट्स पर 14 प्रतिशत कर था। जीएसटी में सभी मोबाइल पर सीधा 12 प्रतिशत का टैक्स कर दिया गया है। मोबाइल कारोबारी अनंत गुप्ता कहते हैं कि जीएसटी के चलते मोबाइल कारोबार प्रभावित है।
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ग्राहक पुराना माल लेने से मना कर रहे हैं। सबसे ज्यादा डिमांड टच स्क्रीन फोन को लेकर है। योगेश कुमार कहते हैं कि जीएसटी से बाजार में सन्नाटा है। पिछला जो स्टॉक था, उसे कम ही ग्राहक लेने को तैयार हैं। की पैड वाले मोबाइल का स्टॉक कम था, लेकिन उसके पुराने माल की डिमांड ज्यादा है। मोहम्मद जाहिद कहते हैं कि अब तक नई कर व्यवस्था को लेकर कुछ समझ ही नहीं आ रहा है। कीपैड मोबाइल पर टैक्स बढ़ गया है। जबकि टच स्क्रीन पर टैक्स कम हुआ है।
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कहते हैं आंकड़े
50 लाख का हर माह जिले में होता है मोबाइल का कारोबार
10 लाख रुपये का जिले में है पुराना स्टॉक
5 फीसद कर लगता था की पैड मोबाइल पर
14 फीसद कर था टच स्क्रीन मोबाइल पर
12 फीसदी लगेगा दोनों पर जीएसटी
3 तीन से व्यापार में गिरावट
जिले के 300 विक्रेता हो रहे प्रभावित
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