मथुरा। एक से तीन सितंबर तक का वक्त भाजपा की सियासत के लिए अहम होगा। सरकार और संगठन के बीच तालमेल के लिए नीति भी तैयार की जाएगी। सांसद और विधायकों के काम की समीक्षा भी की जाएगी।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की समन्वय बैठक में संगठन और सरकार के तालमेल के लिए भी नीति तैयार की जानी है। संघ का मानना है कि जिन लोगों ने सरकार बनाने में अपना बड़ा योगदान दिया था उन लोगों को अब स्थान नहीं मिल पा रहा है। तालमेल का बेहद अभाव है।
इसके लिए समन्वय बैठक में मंथन किया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष यह मुद्दा रखा जाएगा। वहीं भाजपा शासित राज्यों के सांसद और विधायकों के काम की भी समीक्षा की जाएगी। इस लिहाज से भाजपा की सियासत के लिए यह तीन दिन अहम माने जा रहे हैं।