कुरावली (मैनपुरी)। जीटी रोड स्थित ग्राम गंगा-जमुनी के खर्रा पुल के धंस जाने से आवागमन बंद हो गया है। मंगलवार को नेशनल हाइवे विभाग के अभियंताओं ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अभियंताओं का कहना है कि लगभग एक माह में मार्ग पर आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके के बाद ही पुल का निर्माण फोरलेन के मानक अनुसार किया जाएगा। बताया कि पानी के दबाव से जमीन दलदल होने से पुल धंसा है।
अंग्रेजों के समय का बना खर्रा पुल रविवार की रात सड़क से करीब 15 फीट नीचे धंस गया । लगभग 25 मीटर लंबे पुल के धंसने से जीटी रोड पर दोनों तरफ से आवागमन बंद हो गया था। पुलिस द्वारा रूट डायवर्जन किया गया। वहीं पुलधंसने से करीब 50 से ज्यादा गांव के लोगों को आवागमन की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मंगलवार की शाम गाजियाबाद एमएस पार्क के इंजीनियर सीबी रमन, एनएच 91 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अलीगढ़ के कंसलटेंट पीडी सिंह, इंजीनियर शैलेंद्र श्रीवास्तव, अमन प्रताप सिंह इंजीनियर मथुरा, परशुराम शर्मा इंजीनियर मथुरा, शोभाराम वर्मा धंसे हुए पुल का निरीक्षण करने पहुुंचे। जांच के बाद एनएच 91 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और अलीगढ़ के कंसलटेंट पीडी सिंह, इंजीनियर शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अलीगढ़ से कानपुर तक जीटीरोड का फोरलेन स्वीकृत हो चुका है। इसके अनुसार तीस-तीस मीटर के दो पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसकी योजना पहले से ही स्वीकृत है। नया पुल खर्रा पुल वर्तमान पुल से हटकर बनाया जाएगा क्योंकि खर्रा पुल के नीचे की जमीन पानी के दबाव से दलदली हो चुकी है। इसके कारण पुल का स्लेव धंसता जा रहा है।