कासगंज। साहब मेरे पिता की हत्या के पीछे रंजिश ही कारण है। जहां एक ओर शराब कारोबारी और अन्य पर शक है वहीं छोटे भाई के ससुरालीजनों और उनके साथियों पर इसलिए शक और गहरा हो रहा है कि 15 दिन पहले ही एटा में उन्होंने जान से मारने की धमकी दी थी। इधर पुलिस भाई के ससुरालीजनों से भी पूछताछ करेगी। घटना के खुलासे के लिए एसपी ने पांच टीमें गठित कर दी हैं।
मृतक के बेटे शिवप्रताप ने पुलिस को बताया है कि 15 दिन पिता उमेश कुमार और भाई कृष्णकांत एटा गए थे। उस समय एटा के दिनेश नगर निवासी ससुरालीजन और वहीं के रहने वाले अशोक सोलंकी और उनके पुत्रों ने पिता व भाई को 15 दिन में जान से मारने की धमकी दी थी। इस पहलू पर भी जांच कर घटना का खुलासा किया जाए।
ले गए मोबाइल, छोड़ गए बंदूक
मुकदमे में मृतक के बेटे ने लिखाया है कि उनके पिता का एंड्रायड मोबाइल साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से हत्यारोपी ले गए, जबकि बाइक और बंदूक छोड़ गए हैं। पुलिस मोबाइल के माध्यम से घटना के खुलासे की कोशिशों में जुट गई है।
सेवानिवृत्त अमीन थे मृतक चौकीदार
हत्या का शिकार हुए चौकीदार उमेश कुमार सेवानिवृत्त अमीन थे। वे कासगंज तहसील में तैनात थे। सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के भरणपोषण के लिए उन्होंने शराब के गोदाम में चौकीदारी शुरू कर दी थी।
वर्जन-
- पुलिस अधीक्षक ने घटना के खुलासे के लिए 5 टीमें बनाई हैं। टीमों का पर्यवेक्षण कर रहे हैं। हर पहलू पर जांच कराई जा रही है। टीमें काम में जुट गई हैं।- आरके तिवारी, सीओ सिटी।