डाक्टर गायब, इलाज के लिए मरीज परेशान
आदेश के बाद भी नहीं लगाई गईं बायोमैट्रिक मशीनें
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद।
योगी सरकार में स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ के गायब रहने का क्रम थमा नहीं। आदेश के बाद भी बायोमैट्रिक मशीनें लगाई नहीं गई। आलम है कि प्रभारी चिकित्सक एवं नोडल अफसरों से साठगांठ करके चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ नदारद मिलता है। मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज नहीं मिल पाता है।
सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने नगरी स्वास्थ्य केंद्र नगला किला शिकोहाबाद का निरीक्षण किया। यहां तैनात डा. अल्का जैन लगातार एक अप्रैल से अनुपस्थित चल रही हैं। प्रभारी दिनेश यादव को इनकी संविदा समाप्त करने के लिए रिपोर्ट देने को कहा। वार्ड ब्वाय देवराज के रजिस्टर पर हस्ताक्षर थे लेकिन मौके पर नहीं मिले। दवाओं पर मुहर नहीं थी, इसलिए फार्मासिस्ट को चेतावनी दी गई है। वहीं, नगरीय स्वास्थ्य केंद्र रुकनपुरा में स्वीपर प्रदीप कुमार आठ जून से लगातार अनुपस्थित हैं। एलटी मनमोहन सिंह भी अनुपस्थित मिले। डा. राजकुमार 10 अप्रैल से अनुपस्थित चल रहे हैं। जबकि सीएमओ की इसकी जानकारी नहीं थी। वहां के स्टाफ ने बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। सीएमओ ने जांच कराने के निर्देश दिए। दोनों ही स्वास्थ्य केंद्र पर एचआईवी की जांच नहीं हो रही थी, एलटी को निर्देशित किया।
मेडिकल स्टोर पर छापेमारी
फिरोजाबाद (ब्यूरो)। फरिहा के लेजर मेडिकल स्टोर पर ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने छापेमार कार्रवाई की। यहां क्रय विक्रय अभिलेख अपूर्ण मिले। दवाओं के बिल भी नहीं दिखा सके। दो दिन में फार्मासिस्ट का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। यहां से दो दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। इधर, राजू मेडिकल स्टोर गांव भदाना का भी निरीक्षण किया। यहां दवाओं का रखरखाव ठीक नहीं था। जानवरों और मानव की दवाएं एक साथ रखी पाई गई। यहां से एक दवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।