जसराना। शिकोहाबाद-एटा मार्ग से कस्बा पाढ़म जाने वाले मार्ग की सुधि अब तक किसी ने नहीं ली। गहरे गड्ढे और उस पर उछलते दोपहिया वाहन दुर्घटना को न्योता देते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने के आदेश से उम्मीद की किरण जगी लेकिन अब महज चंद घंटों में मार्ग सही होने की अब किसी को आस नहीं है।
जिले की बड़ी पंचायतों में शुमार कसबा पाढ़म से शिकोहाबाद, एटा, फिरोजाबाद जाने के लिए शिकोहाबाद-एटा मार्ग प्रमुख मार्ग है। हजारों की संख्या में लोग इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। काफी महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण की सुधि सपा शासन तक में नहीं ली गई। निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है। गड्ढों में गंदगी युक्त जलभराव से दुकानदार हमेशा परेशान रहते हैं।
स्कूल जाने वाले नौनिहालों और छात्र छात्राए भी मार्ग के गड्ढों से परेशान हैं। कस्बे के व्यापारियों ने कई बार मार्ग निर्माण की मांग बुलंद की लेकिन आवाज न तो अधिकारियों के कानों तक पहुंची और न ही जनप्रतिनिधियो के कानों तक। व्यापारियों की माने तो सड़क पिछले दस वर्ष से नहीं बनीं।
काफी महत्वपूर्ण है कस्बा पाढ़म
कसबा पाढ़म में लहसुन की मंडी, क्षेत्र का प्रमुख माता टीला मंदिर, परीक्षित विद्यालय इंटर कालेज, प्राइमरी स्कूल कुछ प्राइवेट स्कूल संचालित होते हैं। ऐतिहासिक धरोहर के साथ राजा परीक्षत का कुंआ है। इसे देखने दूर दराज क्षेत्र से आते हैं।
इन गांव के लिए प्रमुख मार्ग
कस्बा पाढ़म के अलावा नगला कुंड, नगला फेरती, सराय मटियारी, सिकंदरपुर, गोसपुर, कविलपुर, निजामपुर, शाहपुर, जौजपुर, लालगढ़ी, गींगना आदि गांव के बाशिंदे इसी मार्ग से होकर शिकोहाबाद-एटा मार्ग की ओर जाते हैं।
दस वर्षों से नहीं बना पाढ़म का मार्ग
लाल मोहम्मद बोले की दस वर्षों से सड़क नहीं बनी। यहां गड्ढे ही गड्ढे हैं।बारिश के दिनों में दोपहिया वाहन चालक तो दुर्घटना का शिकार होते हैं। कोई सुनवाई करने वाला हम गरीबों की नहीं है। पाढ़म बस स्टेंड के पास मिष्ठान की दुकान संचालित कर रहे राजू कहते हैं दिन में धूल के कारण खाद्य सामिग्री तक खराब हो जाती है। हमेशा सामिग्री को ढंककर रखते हैं अब तो सुनवाई होनी चाहिए। पाढ़म के व्यापारी देवकुमार माहेश्वरी कहते हैं कि अधिकारी इस सड़क की अनदेखी कर रही हैं। शिकोहाबाद-एटा मार्ग का चौड़ीकरण हो सकता है तो फिर इस मार्ग को बनाने में क्या दिक्कत आ रही है। कस्बा में इस क्षेत्र की लहसुन की प्रमुख मंडी भी है। व्यापारी नेता यशवीर यादव बोले जनता की आवाज शायद अफसरों के कानों तक नहीं पहुंचती। आंदोलन कई बार हुए परंतु नतीजा ढाक के तीन पात रहा। जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं देते। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
जिले के कुछ मार्ग गड्ढा मुक्ति अभियान के प्रस्ताव में छूट गए हैं। हम उन्हें अलग से प्रस्ताव बनाकर शासन को शीघ्र ही भेजेंगे। इससे ऐसी सड़कों को बनवाया जा सकेगा।
उदयवीर सिंह
एक्सईएन पीडब्ल्यूडी फिरोजाबाद