एटा। जिले में ओडीएफ के नाम पर खेल महज ग्राम पंचायतों में ही नहीं बल्कि नगर निकायों में खूब चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी लक्ष्य को पूरा करने में फर्जी रिपोर्टिंग से बाज नहीं आ रहे हैं। नगर पंचायत सकीट में भी ओडीएफ के नाम बड़ा घालमेल सामने आया है। नगर पंचायत अधिकारियों ने सकीट को ओडीएफ घोषित करते हुए आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। जबकि कस्बे में चार जगहों पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण अधूरा पड़ा है। वहीं तमाम लाभार्थियों ने दोनों किश्त मिलने के बाद भी शौचालय नहीं बनाए हैं।
दरअसल, जिले को दो अक्तूबर तक खुले में शौच मुक्त करने के लिए हर स्तर पर प्रयास हो रहे हैं, लेकिन जिले के अधिकारी झूठी रिपोर्टिंग कर शासन की योजना को पलीता लगा रहे हैं। नगर पंचायत सकीट की बात करें तो पिछले दिनों नगर पंचायत के अधिकारी ने कस्बा के सभी वार्डों को ओडीएफ घोषित करते हुए लोगों से 15 दिन में सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। जबकि कस्बा के मोहल्ला उरहैना, पीपल टोला, थाने के सामने, सकीट चौराहे पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य चल रहा है। तस्वीरों को देखकर साफ कहा जा सकता है कि शौचालयों का निर्माण किसी भी हालत में 30 सितंबर तक पूरा नहीं हो सकता लेकिन अधिकारियों ने फर्जी रिपोर्टिंग कर निकाय को ओडीएफ घोषित कर दिया है। ऐसे में प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत मिशन की अभिलाषा को पलीता लग रहा है। जबकि पूरा जिला प्रशासन आंखें बंद करके बैठा हुआ है। वहीं सकीट नगर पंचायत अध्यक्ष किरन यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उन्होंने शासन को फर्जी रिपोर्टिंग से अवगत कराने की बात कही है।
दो किश्तों के बाद भी नहीं बने शौचालय
कस्बे के तमाम वार्डों में भी शौचालयों का बुरा हाल है। कई वार्डों में लाभार्थियों के शौचालय अधूरे पड़े हैं। जबकि कई लाभार्थियों ने दो किश्तें मिलने के बाद भी शौचालय नहीं बनाए हैं। इनको नोटिस जारी करने के लिए पिछले दिनों चेयरमैन ने ईओ को कहा भी था, लेकिन ईओ अनिल भास्कर ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इनका कहना है
जिले की सभी नगर निकाय ओडीएफ हो चुकी हैं। लोगों से 15 दिन में आपत्तियां मांगी गई हैं। जल्द ही कार्य पूर्ण हो जाएगा।
सुरजीत कुमार, डीपीएम, स्वच्छ भारत मिशन शहरी
सभी नगर पंचायत को ओडीएफ कर दिया गया है। इसके लिए 22 सितंबर तक आपत्तियां और सुझाव मांगे गए है। सकीट नगर पंचायत में सामुदायिक शौचालय निर्माण का मामला संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी।
आईपी पांडेय, जिलाधिकारी