एटा। जीएसटी लागू होने के बाद प्रस्तावित की गई नेशनल ई वे-बिल की व्यवस्था नए वित्तीय वर्ष में फिर लागू हो जाएगी।
जिले व्यापारियों को अब फिर नेशनल ई वे-बिल का सहारा लेना होगा। प्रांत के अंदर या बाहर जाने या प्रांत के बाहर से आने वाले पचास हजार रुपये से अधिक के सामान के लिए व्यापारियों को नेशनल ई वे-बिल लेना होगा। तभी उनका सामान पास होगा। बताते चलें कि पूर्व में लागू की गई ई वे-बिल व्यवस्था को इंटरनेट एवं अन्य तकनीकी खामियों के चलते फरवरी माह में स्थगित कर दिया गया था। वित्त मंत्रालय के निर्देश पर वाणिज्य कर विभाग ने इसे एक अप्रैल से पुन: लागू कर दिया है। इसके साथ ही एक अप्रैल से लागू इस व्यवस्था में व्यापारियों को जीएसटी पोर्टल पर ई वे-बिल जनरेट कर क्रेता- विक्रेता फर्म, दिनांक, सामान एवं मूल्य आदि का विवरण भरना होगा। इसकी हार्ड कॉपी सामान के साथ अनिवार्य होगी। किसी परेशानी पर व्यापारी असिस्टेंट कमिश्नर सचल दल डॉ देवेंद्र सिंह व वाणिज्य कर अधिकारी राजेंद्र सिंह से अधिक जानकारी कर सकते हैं। बताते चलें कि जिले में वर्तमान में साढ़े सात हजार से अधिक व्यापारी पंजीकृत हैं।
विभाग ने व्यापारियों के लिए नेशनल ई वेबिल व्यवस्था पुन: लागू कर दी है। नए वित्तीय वर्ष यानी एक अप्रैल से लागू इस व्यवस्था में व्यापारियों को जीएसटी पोर्टल से ऑन लाइन वेबिल जनरेट कर वांछित सूचनाएं भरनी होंगी। इसमें आने वाली किसी भी समस्या के लिए व्यापारी कार्यालय में संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। इसकी हार्ड कॉपी व्यापारी को रखनी होगी। पूर्व में यह सूचनाएं फार्म 38 पर देनी होती थीं।
जितेंद्र कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर, नोडल अधिकारी जीएसटी