फिरोजाबाद। स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार में जिले के अधिकांश स्कूल स्क्रीनिंग में फेल साबित हुए। ये मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानक को पूरा नहीं कर रहे थे। कई विद्यालयों में छात्रों को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही अन्य संसाधन न होने पर कई स्कूल स्क्रीनिंग से बाहर हो गए हैं। चंद विद्यालयों की ग्रेडिंग करके राज्य स्तर पर उनके नाम शिक्षा विभाग ने भेजे हैं।
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना शुरू की है। इसमें विद्यालय आनलाइन आवेदन करते हैं। इन स्कूलों की डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा स्क्रीनिंग कराई गई। सुविधाओं के आधार पर फाइव, फोर एवं थ्री स्टार दिए जाते हैं। इस बार जिले से करीब सात सौ स्कूलों ने आवेदन किया था।
इसमें से सिर्फ चार विद्यालयों को फाइव स्टार ग्रेडिंग मिली है। वहीं, फोर स्टार पर 26 स्कूलों ने आवेदन किया था। उनमें सिर्फ पांच विद्यालय ही सही ग्रेडिंग में पाए गए। थ्री स्टार में करीब 11 स्कूल चयनित हुए हैं। शेष विद्यालय स्क्रीनिंग में फेल हो गए। बीएसए सचिदानंद यादव ने बताया कि जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कराई थी। उसकी रिपोर्ट मानव संसाधन मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। अब स्क्रीनिंग राज्य स्तर पर होगी।