मैनपुरी। घिरोर ब्लाक प्रमुख के लिए सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच ब्लाक परिसर में मतदान हुआ। इस दौरान सिर्फ बीडीसी सदस्यों को ही परिसर में प्रवेश करने दिया गया। वहीं अन्य लोगों को ब्लाक परिसर से पांच सौ मीटर दूर रहने के निर्देश दिए।
दोनों पक्षों में विवाद की आशंका के चलते जिलेभर के फोर्स के अलावा पीएसी भी तैनात की गई थी। दोपहर में शांतिपूर्वक मतदान पूर्ण होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। मौके पर एएसपी और एडीएम दोनों ही मौजूद रहे। वहीं हाईकोर्ट की रोक होने के कारण मतगणना नहीं हुई। अब इस पर 11 सितंबर को फैसला होगा।
घिरोर की ब्लाक प्रमुख सरिता देवी के खिलाफ बीडीसी सत्यपाल यादव के नेतृत्व में बीडीसी सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। दोनों पक्षों में विवाद के बाद घिरोर थाने में जानलेवा हमले और अपहरण की धाराओं तक में मुकदमे दर्ज करा दिए गए थे। इसके बाद ब्लाक प्रमुख पक्ष हाईकोर्ट चला गया था। वहां से चार सितंबर को मतदान कराने के निर्देश जारी किए गए थे।
सुबह 10 बजे ब्लाक प्रमुख सरिता यादव अपने समर्थकों के साथ ब्लाक परिसर में पहुंच गईं। वहीं सत्यपाल यादव पक्ष पूर्वाह्न 11 बजे समर्थकों के साथ ब्लाक पहुंचे। इसके बाद ब्लाक परिसर में पहले बैठक हुई।
इस दौरान कुल 86 सदस्यों में से 85 सदस्य मौजदू रहे। उक्त सभी ने चर्चा में भाग लिया और दोपहर लगभग एक बजे मतदान में भी भाग लिया। आरओ एसडीएम भोगांव देवेंद्र कुमार सिंह ने मतदान प्रक्रिया पूरी कराई।
ब्लाक परिसर में जैसे ही बैठक शुरू हुई बीडीओ श्रीराम ने कुछ कह दिया। इसके बाद विरोधी पक्ष के बीडीसी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी शिकायत एसओ बिछवां आरके सिंह ने उच्चाधिकारियों से की। उसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर बीडीओ ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
घिरोर ब्लाक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव पर सोमवार को मतदान तो हो गया लेकिन मतगणना 11 सितंबर को हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही होगी। उल्लेखनीय है कि अविश्वास प्रस्ताव के बाद ब्लाक प्रमुख सरिता यादव हाईकोर्ट चली गईं थीं। तबसे मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है।