पुलिस ने किशोर के परिजन की तलाश की। सोशल मीडिया पर फोटो डाला। तभी शंभू नगर निवासी पूजा ने बताया कि जुलाई 2022 में उनका 12 वर्षीय बेटा लापता हो गया था। वह मानसिक रूप से दिव्यांग था। किशोर को अपना बेटा बताया। उसके शरीर पर चोट के निशान से पहचान की। बेटे की वापसी पर वह भावुक भी हो गईं।
पुलिस से कहा कि वो बेटे को चार साल से ढूंढ रही थीं। उधर, एमएम गेट क्षेत्र निवासी व्यापारी राकेश वर्मा का बेटा दो दिन पहले लापता हुआ था। परिजन ने पुलिस को सूचना दी थी। सभी उसकी तलाश में लगे थे। राकेश ने बताया कि परिचित सोनम ने बेटे को एक महिला के साथ जाते देखा था। वह उनका पीछा कर रही थी। पीछा करते हुए शंभू नगर पूजा के घर पहुंच गई।
सूचना पर परिवारजन भी आ गए। बेटे ने उनको पहचान लिया। गले लग गया। यह देखकर शंभू नगर के परिवार की आंखों में आंसू आ गए। दोनों परिवारों के दावे से पुलिस उलझन में पड़ गई। एसीपी छत्ता पियूष कांत राय ने बताया कि किशोर को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। समिति ही बच्चे को साैंपने के बारे में निर्णय लेगी। परिजन से साक्ष्य लिए जाएंगे। जिससे यह पता चल सके कि बच्चा किसका है।
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