आगरा। खाद्य विभाग ने फतेहाबाद रोड से शनिवार सुबह 13.20 क्विंटल मिलावटी खोआ पकड़ा। राजस्थान से होली पर खपाने के लिए लाया जा रहा था। मौके पर ही मोबाइल लैब में जांच कराने पर खोआ में रिफाइंड पाया गया। उसे नष्ट करा दिया गया। विशेष लैब में जांच कराने के लिए दो नमूने भी लिए गए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि राजस्थान से बड़े पैमाने पर मिलावटी खोआ आगरा में खपाने के लिए लाया जा रहा है। इस पर 12 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम को रात में फतेहाबाद रोड पर मुस्तैद कर दिया। सुबह करीब 8 बजे यूपी 83डीटी1441 नंबर की पिकअप आती दिखाई दी। उसे रोका तो उसमें खोआ से भरी 22 डलिया रखी थीं। प्रत्येक डलिया का वजन 60 किलो था और कुल वजन 13.20 क्विंटल मिला।
पूछताछ में राजाखेड़ा निवासी वाहन चालक नारायण सिंह ने बताया कि खोआ का मालिक राजन सिंह निवासी डांडोली राजाखेड़ा राजस्थान है। उसे बालूगंज खोआ मंडी जाना था। मौके पर मोबाइल लैब बुलाकर जांच कराई गई तो उसमें वसा की मात्रा नहीं मिली। दूध से क्रीम निकालने के बाद खोआ बनाया गया और चिकनाई के लिए रिफाइंड मिलाया गया। सेहत के लिए असुरक्षित पाते हुए उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
180 रुपये में बनाकर 350 रुपये के भाव से बिक्री
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि ये मिलावटी खोआ 180 रुपये प्रतिकिलो के भाव से मंडी में बेचा जाता है। इस तरह से 2.37 लाख रुपये का ये खोआ था। फुटकर विक्रेता इसे करीब 350 रुपये प्रतिकिलो के भाव से बिक्री करते हैं। मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री की टोल फ्री नंबर 18001805533 पर शिकायत कर सकते हैं।
ऐसे खुद कर सकते हैं जांच
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि खोआ में पानी और आयोडीन घोल डालें। इसका रंग नीला हो तो स्टार्च की मिलावट है। हथेली पर रगड़ने पर असली खोआ चिकना और दानेदार होता है। नकली-मिलावटी खोआ चिपचिपा और रबर जैसा महसूस होगा। हाथ पर अतिरिक्त चिकनाई आ जाएगी। चखने पर स्वाद कसैला होगा।
पकड़ा गया खोआ।