कासगंज। अमांपुर क्षेत्र से किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में आरोपी को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। वादी के पुलिस में दिए बयान से मुकरने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश भी जारी किए।
अमांपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को विगत 19 फरवरी 2012 को उसकी सहेली बुलाकर ले गई। मामले में किशोरी के पिता ने 28 मार्च 2012 को रेशमा, किस्मत, नवीन, हनीफ, खातून बेगम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। 3 अप्रैल 2012 को सूरजपुर गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र से एक शव सड़ी गली अवस्था में बरामद किया। किशोरी के पिता ने शव की शनाख्त बेटी के रूप में की। पुलिस ने जांच में चांद मियां निवासी कादरचौक बदायूं को घटना का आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया। किशोरी के पिता वादी ने पुलिस को अपने बयान दर्ज कराए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी। अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या-एक सुंदरलाल के न्यायालय में मामले में गवाही आदि हुई। गवाह के रूप में वादी ने आरोपी चांद मियां को पहचाने से इंकार कर दिया। साथ ही इससे इनकार कर दिया कि उसकी पुत्री की हत्या हुई है? उसने संभावना जताई कि उसकी पुत्री जिंदा हो सकती है। गौतमबुद्ध नगर में पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने भी गवाही में बरामद शव की उम्र किशोरी की उम्र से अधिक होना बताया। कोर्ट ने वादी के पुलिस में दिए बयानों से मुकरने पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी कर दिया। वहीं वादी के खिलाफ कोर्ट में 344 के तहत मामला दर्ज कर नोटिस जारी करने के आदेश भी जारी कर दिए।