वृंदावन (मथुरा)। तीर्थ नगरी वृंदावन में हर रोज बढ़ती पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या का फायदा अवैध कार पार्किंग संचालकों ने जमकर उठाया है। वाहन पार्किंग के इस धंधा ने एक कारोबार का रूप ले लिया है। मानकों और सुरक्षा को धता बताकर निजी घरेलू जमीनों पर पार्किंग बना दी गईं है। न पुलिस की निगाह है और न नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई की है।
छटीकरा मार्ग पर चैतन्य विहार कालोनी, सौ फुटा रोड, प्रेम मंदिर के सामने, इस्कॉन मंदिर के पास, हरिनिकुंज चौराहा, विद्यापीठ चौराहा, कालीदह मार्ग, सूरजघाट, वीआईपी मार्ग, विहारघाट, दुसायत, बांकेबिहारी कालोनी, बिहारीपुरा, किशोरपुरा, बांकेबिहारी पाठशाला, गांधी नगर, गौतम पाड़ा आदि जगहों पर लगभग 30 से अधिक अवैध पार्किंग चल रही हैं। इन पार्किंग स्थलों पर हर दिन श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता और गाली गलौज आम बात है।
मंगलवार की रात दिल्ली निवासी श्रद्धालु से प्रेम मंदिर के सामने पार्किंग ठेकेदार द्वारा की गई मारपीट की घटना कोई नई नहीं है। कोतवाली प्रभारी रामपाल सिंह भाटी ने कहा कि अवैध पार्किंग संचालकों पर कार्रवाई करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। नगर निगम के उपायुक्त सत्येंद्र तिवारी ने कहा कि नगर निगम नियमानुसार जो भी कार्रवाई होगी वही करेगा।
वसूला जा रहा मनचाहा पार्किंग शुल्क
नगर निगम द्वारा अधिकृत और मंजूर किए गए पार्किंग स्थलों के अतिरिक्त उन क्षेत्रों के आसपास की कालोनियों में अवैध पार्किंग का कारोबार चल रहा है। यहां गाड़ी खड़ी कराने के नाम पर श्रद्धालु से दिन और त्योहारों के हिसाब से चार पहिया वाहन का 50 से 100 रुपया तक वसूला जाता है।