आगरा के लेडी लॉयल में क्लोरीन गैस का सिलिंडर लीक होने से भगदड़ मच गई। मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने पर एक वार्ड के मरीज शिफ्ट कराए। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची। बचाव कार्य में फायर बिग्रेड कर्मी और अस्पताल कर्मचारी की हालत बिगड़ गई।
लेडी लायल के वाटर प्लांट में क्लोरीन गैस का सिलिंडर रखा हुआ था। ये करीब 15 साल पुराना है, इसको पानी के शुद्धीकरण के लिए उपयोग लाया जाता था। अब यहां वाटर प्लांट लग जाने के कारण इसका उपयोग नहीं हो रहा था। कई साल पुराना होने के कारण इसमें जंग लगने से ये गल गया था।
दोपहर के करीब एक बजे कर्मचारी शमशुद्दीन प्लांट के अंदर गया तो गेट खोलते ही उसमें रिसाव देखा तो बाहर भागा। गेट खुलने पर गैस परिसर में फैलने लगी। इस पर तीमारदार और यहां आने वाले मरीजों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन होने लगी।
वार्ड में प्रसूताओं के साथ नवजात भी थे, ये देख अस्पताल प्रशासन के हाथपांव फूल गए, तत्काल सभी वार्ड के गेट बंद करवा दिए। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मचारी पहुंच गए। टंकी के पास के वार्ड में भर्ती मरीजों को शिफ्ट कराया।
फायर ब्रिगेड कर्मचारी सिलिंडर को पानी के टैंक में डाल दिया। बचाव कार्य में शमसुद्दीन समेत फायर ब्रिगेड कर्मचारी की हालत बिगड़ गई। करीब चार घंटे बाद हालत सामान्य हुई। सीएमओ डा. मुकेश वत्स ने बताया कि गैस रिसाव से पास के वार्ड के मरीजों को शिफ्ट करा दिया था। अब हालत सामान्य है।
बंदर भागे, झाड़ियां मुरझाई
गैस रिसाव होने से आसपास बैठे बंदर भी इसकी चपेट में आ गए। गैस रिसाव होते ही सभी बंदर परिसर से भाग गए। जहां सिलिंडर फेंका गया वहां आसपास की झाड़ियां भी मुरझा गई। आगरा कालेज के रसायन विज्ञान के शिक्षक डा. अमित अग्रवाल ने बताया कि क्लोरीन विषाक्त गैस होती है। इससे सांस लेने में तकलीफ होने पर गला जाम हो जाता है। फेफड़ों में अधिक मात्रा जाने पर मौत संभव है। त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचता है।