मथुरा। आलू खोदाई प्रकरण का मुख्य आरोपी रामवृक्ष मर गया, लेकिन उसका कोई प्रमाण नहीं है। यह जानकारी आलू खोदाई प्रकरण केस के जांच अधिकारी ने कोर्ट को दी। उन्होंने इस संबंध में सोमवार को एसीजेएम कोर्ट में गवाही दी। उन्होंने कहा कि बयानों के आधार पर उन्होंने रामवृक्ष को मृत दर्शाया है। इस बात का कोई प्रमाण उनके पास मौजूद नहीं है।
एसीजेएम प्रथम कंचन की कोर्ट में सोमवार को उद्यान विभाग के चार अन्य कर्मचारियों ने भी गवाही दी। गवाही देने वालों में श्रीकांत, वेद प्रकाश, रविकुमार भी शामिल थे। जानकारी रहे कि 15 मार्च 2016 को जवाहरबाग में जमे कब्जाधारियों ने उद्यान विभाग के कर्मचारियों को न केवल आलू खोदने से रोक दिया था बल्कि मारपीट भी की थी।
इस मामले उद्यान निरीक्षक रामस्वरूप शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस केस में कोर्ट में अब तक 19 गवाह पेश हो चुके हैं। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि वह 44 लोगों में से केवल रामवृक्ष और चंदन को ही पहचानते हैं।
सोमवार को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में एक दर्जन मामलों में हुई पेशी में जवाहरबाग मामले के 50 आरोपी पेश हुए। गाजीपुर से प्रेमचंद बस्ती से राजनारायण, सीभी मध्यप्रदेश से रामायण के अलावा मथुरा, आगरा, अलीगढ़ से जवाहर बाग प्रकरण के अभियुक्त कोर्ट में पेश हुए। आरोपियों के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि जांच अधिकारी ने रामवृक्ष की मौत तो स्वीकारी लेकिन प्रमाण नहीं प्रस्तुत कर सके।