जलेसर। आम बजट में जिले को वित्तमंत्री से तमाम उम्मीदें हैं। आम आदमी से लेकर व्यापारी वर्ग और उद्यमी आम बजट में राहत की आस लगाए हुए हैं। जिले के प्रमुख घुंघरू-घंटी उद्योग को भी राहत की दरकार है। जीएसटी से बदहाल हुए उद्योग को संजीवनी देने के लिए उद्यमी सरकार से आस लगाए हुए हैं।
जिले के सबसे बड़े और प्राचीन उद्योग को आम बजट से राहत की उम्मीद है। जिले के प्रमुख उद्योग को पहले उपेक्षा का शिकार होना पड़ा। इसके बाद जीएसटी ने उद्योग की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आलम यह रहा कि उद्यमियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। अब आम बजट से व्यापारियों को राहत की उम्मीद है। उद्योगों के लिए उद्यमी विशेष योजना के इंतजार में हैं।
व्यापारी योगेश बंसल नेे बताया कि घुंघरू घंटी एवं घन्टा धार्मिक कार्यों में प्रयोग में आते हैं। पूर्व में उद्योग पर टैक्स नहीं था। लेकिन जीएसटी मे 12 प्रतिशत टैक्स किए जाने से व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। बजट से राहत की उम्मीद है।
व्यापारी जय प्रभाकर बंसल ने बताया कि जब से जीएसटी इस उद्योग पर लगी है। जब से व्यापार घाटे का सौदा हो गया है। पहले यह व्यापार करीब पांच सौ करोड़ का था अब मात्र 300 करोड़ के नीचे आ गया है।
व्यापारी कृष्ण गोपाल गुप्ता ने कहा कि केन्द्र एवं प्र्रदेश सरकार हिंदू धर्म को बढ़ावा देने का ढोल बजाती है लेकिन आस्था के चिन्हों पर टैक्स लगाकर उन उद्योगों को मृत प्राय करना चाहती है। वित्तमंत्री से उम्मीद है कि राहत मिलेगी।
धीरज शर्मा ने बताया कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार जलेसर के घुंघरू घन्टी घन्टा व्यापार को समाप्त करना चाहती है। पहले वेट मे 0 प्रतिशत टैक्स था अब 12 प्रतिशत टैक्स लगाकर घुंघरू व्यापार की कमर तोड़ दी है।