मैनपुरी। साक्षर भारत मिशन योजना के तहत जिले में कार्यरत 924 प्रेरकों की संविदा को फिलहाल तीन महीने के लिए और बढ़ाया जा रहा है। यह निर्णय दिल्ली में आयोजित हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में लिया गया।
जिले में 464 लोक शिक्षा केंद्रों पर 924 प्रेरकों की तैनाती है। इन प्रेरकों की संविदा 31 दिसंबर को समाप्त हो गई थी। तब से प्रेरक निराश थे। भारत सरकार के अधिकारियों की बैठक साक्षरता के अधिकारियों के साथ दो जनवरी को दिल्ली में आयोजित की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि साक्षर भारत मिशन योजना का समय 31 मार्च तक के लिए और बढ़ाया जाए। डीसी साक्षरता पुष्पेंद्र सिंह ने कहा उच्चाधिकारियों से हुई वार्ता में बताया गया है कि साक्षर भारत मिशन योजना का कार्यकाल 31 मार्च तक के लिए बढ़ाने का निर्णय ले लिया गया है। आठ जनवरी तक इस संबंध में शासनादेश भी जिले में पहुंच जाएगा। साक्षरता का कार्यक्रम बढ़ने से 924 प्रेरकों को जीवनदान मिल गया है।
क्या है योजना का उद्देश्य
मैनपुरी। साक्षर भारत मिशन योजना का आरंभ जनपद में वर्ष 2010 में किया गया था। इस योजना के तहत जनपद में संचालित तत्कालीन सभी 503 ग्राम पंचायतों में लोक शिक्षा केंद्रों की स्थापना की गई थी। इन केंद्रों पर दो-दो प्रेरकों की तैनाती की जानी थी। लेकिन जनपद में 464 केंद्र ही संचालित किए जा सके। जिन पर जनपद के निरक्षरों को साक्षर बनाए जाने का कार्य किया गया।
5.36 लाख अब तक किए गए साक्षर
मैनपुरी। साक्षरता दर बढ़ाने के लिए साक्षर भारत मिशन योजना के तहत वर्ष 2010 से वर्ष 2017 तक 5.36 लाख लोगों को निरक्षर से साक्षर किया गया। इस योजना के लिए आठ ब्लाक, समन्वयक, दो जिला समन्वयक तथा एक प्रभारी साक्षरता जिम्मेदारी निभा रहे हैं।