एटा। पूरे प्रदेश को बिजली देने के लिए जिले में तैयार हो रही सबसे बड़ी जवाहर तापीय विद्युत परियोजना का काम विगत एक साल में महज 10 फीसदी काम पूरा हो सका है। 315 एकड़ क्षेत्र में बन रही 1320 मेगावाट की परियोजना के शिलान्यास को शनिवार को एक साल पूरा हो गया। परियोजना स्थल पर दक्षिण कोरिया की दूसान पावर सिस्टम्स पावर लिमिटेड ने डेरा डाल दिया है। हालांकि परियोजना को 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन एक साल में काम की रफ्तार सुस्त रही। परियोजना स्थल पर बाउंड्रीवाल के साथ बॉयलर निर्माण का काम शुरू हो चुका है।
जिले में विगत वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मलावन में 315 एकड़ क्षेत्र में 1320 मेगावाट जवाहर तापीय विद्युत परियोजना का शिलान्यास किया था। परियोजना को लेकर 1993 से काम चल रहा था, लेकिन विगत वर्ष परियोजना के काम को हरी झंडी मिली। राज्य विद्युत उत्पादन लिमिटेड के संरक्षण में बन रही परियोजना पर 10500 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
परियोजना स्थल पर बॉयलर बनाने का काम शुरू हो चुका है। वहीं नहर और रेलवे ट्रैक के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि बिजली उत्पादन के लिए नहर का निर्माण 374 करोड़ से सिंचाई विभाग को कराना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। वहीं परियोजना स्थल तक कोयला पहुंचाने के लिए रेलवे ट्रैक बनाया जाएगा। इसके लिए प्राइवेट कंपनी राइट्स लिमिटेड सर्वे का काम पूरा कर चुकी है।
जवाहर तापीय परियोजना को 2021 की पहली तिमाही तक पूरा करना है। इसके लिए काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था के कर्मचारी और अधिकारी दिन रात मेहनत कर काम में जुटे हैं।
आरएस कुशवाह, अधीक्षण अभियंता, जवाहर तापीय परियोजना
गांवों को विकास की दरकार
परियोजना के पूरा होने के बाद आसपास के क्षेत्र में फैले गांवों को विकास की दरकार है। परियोजना के लिए गांव बबरौती, मलावन, निगोह हसनपुर, अयार, कुंदनपुर के 1350 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई। इन किसानों को मुआवजे के साथ परिवार के एक युवक को परियोजना में नौकरी देने का भी वादा किया गया है।
कहते हैं आंकडे़
1320 मेगावाट बिजली का रोज होगा उत्पादन
15 करोड़ रुपये से पांच गांवों में होंगे विकास कार्य
30 किमी लंबा बिछेगा रेलवे ट्रैक, सर्वे पूरा
275 मीटर ऊंची होगी चिमनी
36 एकड़ में बनेगा मुख्य संयंत्र
10500 करोड़ रुपये है परियोजना की लागत