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डीएम ने मुंह फेरा, गांव को समस्याओं ने घेरा

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गांव - फोटो : Demo Pic
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एटा। एक ओर सरकार गांव को कुपोषण मुक्त, शौच मुक्त और गरीबी मुक्त कराने के लिए अधिकारियों को गांव गोद दे रही है। वहीं दूसरी ओर अधिकारी अपने ही गोद लिए गांव को भूल बैठे हैं। एटा के डीएम अमित किशोर ने अपने गोद लिए गांव गाजीपुर पहोर को बीते पांच महीने से अकेला छोड़ दिया है। इसके चलते गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है।
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यहां पानी से लेकर बिजली और सफाई की समस्या लोगों के लिए परेशानी बनती जा रही है। गांवों को अधिकारियों को गोद देकर विकास करने की बातें हो रही हैं, मगर जमीनी हकीकत इससे जुदा है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने डीएम के गोद लिए गांव गाजीपुर पहोर का हाल जाना, तो चौंकाने वाले हालात सामने आए।

सड़क पर गड्ढों की भरमार
आगरा रोड पर क्रिश्चियन इंटर कालेज के सामने से गांव जाने वाले मार्ग का हाल पूरी तरह से खराब है। गांव जाने वाले मार्ग पर गड्ढे होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में गड्ढे जानलेवा हो जाते हैं और हादसे होते हैं।
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नालियों में कूड़े के ढेर, सफाई व्यवस्था फेल
गांव गाजीपुर पहोर में सफाई व्यवस्था भी फेल है। जगह-जगह गलियों में बनी नालियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। लोगों ने बताया कि सफाई कर्मचारी आती नहीं है। इसके चलते लोग खुद ही अपने घरों से कूड़ा उठाकर गांव के बाहर फेंकने जाते हैं।

एक शिक्षिका के सहारे 156 बच्चे
गांव में बने प्राथमिक विद्यालय का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां एक ही परिसर मेें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित होते हैं। प्राथमिक में जहां 156 बच्चों के लिए महज एक प्रधानाध्यापिका हैं, तो जूनियर में महज 27 बच्चों पर चार शिक्षक तैनात हैं।

खेल के मैदान में सूख रहे कंडे
गांव में बच्चों के खेलने के लिए बना मैदान अव्यवस्था का शिकार है। मैदान में ग्रामीणों ने अतिक्रमण करके गोबर के उपले सुखाने शुरू कर दिए हैं। बताया जाता है कि कुछ महीने पहले तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने गांव में खेल मैदान विकसित करने के निर्देश दिए थे। गांव में मैदान तो बन गया, लेकिन अतिक्रमण का शिकार हो गया।

ओडीएफ नहीं हो सका गांव
पूरे जिले में स्वच्छता अभियान चलवा रहे डीएम अपने गोद लिए गांव को ही अब तक ओडीएफ नहीं करा सके हैं। गांव में तमाम घरों में अब तक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। वहीं तमाम परिवारों को अब तक अनुदान नहीं मिला है।

टंकी के बाद भी पानी नहीं
गांव में पेयजल के लिए बनी टंकी से पानी की सप्लाई भी ठप है। गांव के तमाम घरों में पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे में लोग पानी को तरस रहे हैं। साथ ही हैंडपंप भी खराब पड़े हुए हैं।

आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र बंद
गांव में मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्र और मातृ शिशु कल्याण केंद्र बंद मिला। बताया जाता है कि आंगनबाड़ी और एएनएम पहुंची नहीं थीं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कुपोषण को लेकर भी कवायदें ठप पड़ी हैं।

जून के बाद नहीं आए डीएम
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में डीएम अमित किशोर से जून महीने में चौपाल लगाई थी। तब विकास के तमाम वादे किए गए। लेकिन तब से कोई अधिकारी गांव में नहीं आए।
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