मैनपुरी। अतिक्रमण हटाओ अभियान भी शहर की सूरत नहीं बदल सके। जगह-जगह हुए अतिक्रमण को जब्त करने और दुकानदारों के चालान भी केवल खानापूरी बनकर रह गए। अभियानों के बाद शहर की हालत जस की तस हो गई। नगर के मुख्य बाजार तो दूर बाहरी इलाकों में भी वाहनों से निकलना मुश्किल है।
नगर को साफ सुथरा बनाने के लिए कई बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए गए हैं। हर बार अभियान अस्थाई अतिक्रमणों को हटाने तक सीमित रहा है। चालान और अतिक्रमण जब्तीकरण भी कोई खास असर नहीं छोड़ सका है। स्थाई रूप से अतिक्रमण हटाने के लिए कोई पहल नहीं की गई।
मैनपुरी। चालू वर्ष में प्रशासन द्वारा आठ बार अतिक्रमण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अतिक्रमण करने वाले 129 दुकानदारों के चालान किए गए। अधिकांश दुकानदारों ने जुर्माना भरकर अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
मैनपुरी। अभियान के दौरान नगर पालिका प्रशासन ने 72 स्थानों से अतिक्रमण जब्त किया। पुलिस के सहयोग से जब्त किए गए अतिक्रमण को कोतवाली और नगर पालिका में जमा कराया गया। अधिकांश अतिक्रमण आज भी जमा है।
मैनपुरी। व्यपारी नेता वोट सिंह यादव का कहना है कि अतिक्रमण से शहर मुक्त रहे इसके लिए जागरूकता की जरूरत है। दुकानदारों की भी जिम्मेदारी है कि वह अतिक्रमण न करें। अतिक्रमण से आम आदमी को ही परेशानी होती है। अतिक्रमण से दुकानदारों को ही परेशानी होती है।
मैनुपरी। सीओ सिटी राकेशचंद्र पांडेय का कहना है नगर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। अभियान के बाद दोबारा उसी स्थान पर अतिक्रमण पाए जाने पर अतिक्रमणकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
साफ सुथरा शहर बनाना लक्ष्य
मैनपुरी। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका धर्मराज सिंह का कहना है शहर को साफ सुथरा बनाना ही नगर पालिका का लक्ष्य है। जन सुविधा तथा साफ सफाई के लिए ही नगर पालिका अभियान चलाती है। मगर साफ सफाई की जिम्मेदारी सभी की है।