आगरा जिले के एत्मादपुर विकासखंड के गांव कुरगवां में 15 दिनों में 13 लोगों की जान चली गई। इससे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार इनमें कुछ लोग कोरोना संक्रमित भी थे। गांव में अब भी 16 लोग बीमार हैं। जिनमें से छह लोग स्कूल में आइसोलेट हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में टीम भेजने की बात कही है।
गांव की रहने वाली मधु देवी पत्नी प्रेमशंकर की बुधवार को मौत हुई। परिजनों के अनुसार उनकी रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई थी। इससे पहले 16 अप्रैल को बैंक प्रबंधक महावीर सिंह, 18 अप्रैल को श्याम, 20 अप्रैल को सुनीता जैन पत्नी सतीश चंद्र, केसर देवी पत्नी लालाराम, मेंदीराम की मौत हो गई थी।
27 अप्रैल को चंद्रवती पत्नी सुखराम, एक मई को गुड्डी पत्नी ओमप्रकाश, दो मई को सुमित्रा देवी पत्नी भूरी सिंह, तीन मई को दौलत पाल, पदम सिंह, खजान सिंह, चार मई को डोरीलाल ने दम तोड़ दिया। सीएचसी एत्मादपुर प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि कोविड जांच के लिए टीम को गांव भेजा गया है।
पूर्व विधायक ने गांव में कराया सैनेटाइजेशन
पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने बुधवार को कुरगवां पहुंचकर सैनिटाइजेशन कराया और आइसोलेशन सेंटर पहुंचकर लोगों का हाल जाना। बीमारों की देखरेख करने वालों को पीपीई किट और एक ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि अन्य गांवों में भी जल्द ही सैनिटाइजेशन कराया जाएगा।
बाह थाने के दरोगा समेत आठ संक्रमित
बाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन दिन में 472 लोगों की जांच की गई। इसमें बाह थाने के दरोगा समेत आठ लोग पॉजिटिव निकले हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि सोमवार को 133 लोगों की जांच हुई थी। जिसमें दो लोग पॉजिटिव निकले थे। मंगलवार को 173 में तीन और बुधवार को 166 में तीन लोग पॉजिटिव पाए गए। पॉजिटिव मरीजों को सीएचसी के कोविड हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।
छह दिन में एक ही परिवार के चार लोगों की जान गई
कस्बा अछनेरा निवासी दिनेश की मां की सोमवार को मौत हो गई थी। शाम को बेटे व परिवारीजन अंतिम संस्कार कर लौटे, मंगलवार की सुबह बेटे दिनेश की मौत हो गई। इस परिवार के आठ दिन में चार सदस्य जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा एक अन्य परिवार के चार सदस्यों की छह दिन के भीतर जान चली गई।
देहात में मौतों का आंकड़ा बढ़ने से दहशत, नगर पालिका परिषद ने शुरू कराया सैनिटाइजेशन
कस्बा निवासी दिनेश और उसकी मां के अलावा परिवार की रानी देवी, रेखा की भी मौत हो चुकी है। इसके अलावा कस्बा निवासी भारतेंद्र गर्ग, उनके परिवार के टीकाराम और दिन बाद सुनील और लक्ष्मी देवी की भी छह दिन में सांसें थम चुकी हैं। लोगों की मानें तो समय से उपचार न मिलने के कारण मौतें हुईं हैं। पालिका अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि कस्बे में सैनिटाइज का काम किया जा रहा है। बताया कि भरतपुर में संपूर्ण लॉकडाउन होने के कारण वहां के लोग खरीदारी के लिए अछनेरा आ रहे हैं, जिससे खतरा बना है।