आगरा में बारहवीं पास कार मैकेनिक कपिल गुप्ता कुछ ही सालों में हाईटेक चोर बन गया। उसने गैंग बनाकर 35 साल में 250 गाड़ियां चुरा डालीं। चार राज्यों में वारदात को अंजाम दिया। नई गाड़ियों को एक से दो लाख में पूर्वोत्तर के राज्यों में बेचता था। थाना हरीपर्वत पुलिस और एसओजी टीम ने शुक्रवार को उसे गैंग के दो सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया। तीन कार सहित चोरी करने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि कपिल गुप्ता 35 साल पहले कमला नगर में रहता था। कार मैकेनिक था। अब मुरैना में रह रहा था। उसने सबसे पहली गाड़ी दिल्ली जाकर मारुति-800 चोरी की थी। तब कार में सामान्य लॉक होता था। पेट्रोल टैंक के ताले में डुप्लीकेट चाबी फंसाकर नई चाबी तैयार करते थे। 10 साल से सेंट्रल लॉक वाली गाड़ियां आ गईं। तब उसने अपना तरीका भी बदल दिया। उसने डिजिटल-की मास्टर डिवाइस खरीद ली। वह घरों के बाहर खड़ी गाड़ी को चुन कर पहले कार का शीशा तोड़ते हैं। इसके बाद अंदर जाते हैं। सायरन बजने पर बोनट खोलकर बंद करते हैं।
डिवाइस को लगाकर कार का डाटा ट्रांसफर कर डुप्लीकेट चाबी तैयार करते हैं। इसमें 5 से 10 मिनट लगता है। इसके बाद वाहन लेकर निकल लेते हैं। रिंकू आठवीं फेल है। वह 100 से 150 की स्पीड पर कार भगा लेता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में वारदात की हैं। नंबर प्लेट बदल देते हैं। चेसिस और इंजन नंबर मिटा देते हैं। गाड़ियों को बिहार, झारखंड, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में एक से दो लाख में बेचते हैं। उनके निशाने पर मारुति की स्विफ्ट डिजायर, बलीनो और ब्रेजा कार रहती थीं।
तीन कार, एक फर्जी नंबर प्लेट, 8 चाबियां, 1 ड्रिल मशीन, डिजिटल-की मास्टर डिवाइस, की-टूल डिवाइस, बैटरी चार्जर, 1 डाटा केबल, 2 बैटरी सेल, 4 पेचकस, 1 पाइप रिंच, 1 फास्टटैग कार्ड, 1 ब्लेड कटर, 1 वायर कटर, 2 स्टेयरिंग इग्नीशियन स्विच, 1 लोहे की टी-चाबी, 1 टूल बॉक्स, लोहे के चुंबक, तीन मोबाइल बरामद किए हैं।